बरसंडा गांव में ग्रामीणों से बात करते कांग्रेस जिला एसआईआर प्रभारी खुर्शीद अजीज। -संवाद
कमरौली। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बरसंडा गांव में फॉर्म सात के कथित दुरुपयोग को लेकर विवाद गहरा गया है। 608 वोटरों के सत्यापन को लेकर गहमागहमी बढ़ गई है। शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष और कांग्रेस जिला एसआईआर प्रभारी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। इसके बाद उन्होंने एसडीएम से बात कर मामले की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बूथ लेवल एजेंट फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, मृतक या डुप्लीकेट दर्शाकर सूची से हटाने का प्रयास कर रहे है। बरसंडा के ग्रामीणों ने बताया कि नाम हटाने के लिए शुक्रवार को उन्हें फॉर्म सात दिए गए हैं, जिसके बाद से माहौल गरमा गया है। गांव के आफताब हुसैन, अलाउद्दीन, रुखसार ने बताया कि फॉर्म सात मिले हैं, जिसमें उनको अनुपस्थित बताया गया है। आमिर और जान मोहम्मद ने बताया कि उन्हें मृतक की श्रेणी में डाल दिया गया है। सैय्यद नगर के मेराज ने भी खुद को अनुपस्थित दिखाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
प्रभावित मतदाताओं का कहना है कि वे गांव में ही निवास करते हैं और नियमित रूप से मतदान करते आए हैं, फिर भी उनके नाम सूची से काटे जाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। ग्रामीण शराफत हुसैन के अनुसार तहसील स्तर से सैकड़ों की संख्या में प्रारूप फॉर्म सात भेजे गए, जिनमें मतदाताओं को विभिन्न कारणों से अनुपस्थित या मृतक दर्शाया गया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई एक विशेष वर्ग को निशाना बनाने के उद्देश्य से राजनीतिक दबाव में की जा रही है।
मुसाफिरखाना एसडीएम अभिनव कनौजिया ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। बगैर सत्यापन के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा। अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।