गौरीगंज (अमेठी)। गौरीगंज नगर पालिका परिषद में भाजपा प्रत्याशी के पति की प्रेशर पॉलिटिक्स का जवाब देने की सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की कोशिश सपा प्रत्याशी पर ही भारी पड़ गई। शनिवार को आए मतगणना परिणामों ने इसकी पुष्टि की।
निकाय चुनाव से एक दिन पहले गौरीगंज कोतवाली परिसर में हुई घटना के बाद जिले के साथ पूरे प्रदेश की निगाहें गौरीगंज नगर पालिका परिषद के परिणामों पर टिकी थीं। शनिवार की अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे परिणाम घोषित होने के साथ लोगों में चर्चा तेज हो गई कि चुनाव को लेकर सपा विधायक की ओर से चला दांव उलटा पड़ गया।
बता दें कि नपा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ भाजपा प्रत्याशी रश्मि सिंह के पति दीपक सिंह और सपा के गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह में तलवारें खिंच गई थीं। चुनाव के दौरान जहां विधायक ने दीपक सिंह पर अपने समर्थकों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। उधर, दीपक मामले को फर्जी बताते रहे। इसी दौरान मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को विधायक के मैनेजर की पिटाई व पुलिस द्वारा उनके मैनेजर को लॉकअप में डालने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
इसी दौरान भीड़ से बचने के लिए थाने में घुसे दीपक को विधायक व उनके समर्थकों ने पीट दिया था। घटना के बाद दीपक के समर्थकों ने विधायक के ममेरे भाई समेत कई लोगों को पीटा। पूरे देश में चर्चित होने के बाद लोगों की निगाहें यहां के परिणामों पर लगी थीं। कुछ लोग घटना का फायदा विधायक तो कुछ दीपक को मिलने की बात कह रहे थे।
शनिवार को परिणाम घोषित हुए तो यह साबित हो गया कि घटना के बाद दीपक को लोगों का अधिक समर्थन मिला और वे अपनी पत्नी को जिताने में कामयाब रहे।
कभी राकेश के करीबी थे दीपक
शहर के पचेहरी निवासी दीपक सिंह पांच साल पूर्व तक विधायक राकेश प्रताप सिंह के बेहद करीबी हुआ करते थे। कुछ बातों को लेकर दोनों लोगों में दूरी बढ़ी तो बढ़ती ही चली गई। परिणाम स्वरूप गत बुधवार को दोनों पक्ष आमने सामने हो गए थे।