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Amethi News: आरोपों के संबंध में साक्ष्य नहीं दे सके समाज कल्याण अधिकारी

Fri, 04 Apr 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने प्रधान सहायक गोकुल प्रसाद पर जो भी आरोप लगाए, उसके संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दे सके। दूसरी तरफ प्रधान सहायक ने उनके भ्रष्टाचार की शिकायत विभागीय मंत्री से करते हुए जबरन रुपये पत्नी के बैंक खाते में भेजने का साक्ष्य मुहैया कराया।
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यही वजह रही कि समाज कल्याण अधिकारी विभागीय उपनिदेशक की जांच में भी गच्चा खा गए। यह बात और है कि उनके साथ ही प्रधान सहायक को भी निलंबित कर दिया गया है। अधिकारी और बाबू के भ्रष्टाचार का गठजोड़ दोनों में अनबन होने के बाद उजागर हुआ है। इसका असर यह रहा कि प्रधान सहायक के साथ ही उनके कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी उनसे दूरी बना ली थी।


मार्च के दूसरे सप्ताह में जांच के लिए आए समाज कल्याण उपनिदेशक अयोध्या मंडल राकेश रमन ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि प्रधान सहायक ने विभागीय मंत्री से साक्ष्य के साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी पर भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
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शासन के आदेश पर उपनिदेशक जांच करने पहुंचे तो बीती 26 दिसंबर को प्रधान सहायक के मोबाइल से जिला समाज कल्याण अधिकारी की पत्नी के बैंक खाते में दो बार में 40 हजार रुपये भेजे जाने साबित हुए। इतना ही नहीं प्रधान सहायक ने इस संबंध में दो गवाह भी दिए, जिन्होंने इसकी पुष्टि की। दूसरी तरफ समाज कल्याण अधिकारी ने इन रुपयों को लेकर पहले बयान दिया कि किसी पीड़ित से प्रधान सहायक ने रिश्वत ली थी, जिसे उन्होंने वापस कराई।

इसके बाद कहा कि उन्होंने प्रधान सहायक को 40 हजार रुपये उधार दिए थे, जो मोबाइल के जरिये वापस लिए थे। इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी ने कार्यालय के कर्मचारियों का शपथ पत्र दिलाया था, लेकिन यह सभी उपनिदेशक को बयान देते समय मुकर गए।
मजे की बात यह भी रही कि 26 दिसंबर 2024 को समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय का सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट किया गया था।

उपनिदेशक की जांच में जिला समाज कल्याण अधिकारी पूरी तरह से फंसते चले गए। एक ही मामले में दो तरह के बयान, पत्नी के खाते में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज के गायब होने के चलते उपनिदेशक ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। वहीं विभाग के प्रधान सहायक गोकुल प्रसाद जायसवाल का रिश्वत लेते वीडियो भी निलंबन का कारण बना।
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