जगदीशपुर के अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर पूरे शोहरत के पास खड़ा ओवरलोड ट्रक। संवाद
अमेठी सिटी। ओवरलोड भारी वाहन हाईवे पर सिर्फ दौड़ नहीं रहे हैं, बल्कि उनकी अवैध पार्किंग भी की जा रही है। ओवरलोडिंग की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग दरक जा रहे हैं। इसके साथ ही हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। नियमों की अनदेखी पर जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बांदा-टांडा हाईवे पर ओवरलोडिंग के चलते रायबरेली से गौरीगंज तक कई जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। हाल ही में इसे बनाने का काम शुरू किया गया। इसी हाईवे पर गौरीगंज शहर के करीब भारी वाहनों की अवैध पार्किंग की जा रही है। इसके अलावा ढाबों और पेट्रोल पंपों के सामने हाईवे की दोनों पटरियों पर भारी वाहन खड़े किए जाने से हादसे का खतरा बना रहता है।
उप संभागीय परिवहन अधिकारी महेंद्र बाबू ने कहा कि जिले में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए प्रतिदिन अभियान चलाया जाता है। रात में व्यस्त रूटों पर टीम जाती है और कार्रवाई होती है। जल्द ही मौरंग मंडी में देखा जाएगा और जो नियम तोड़ता मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
मौरंग मंडी में नहीं होती है कार्रवाई
गौरीगंज में ऐंधी टोल प्लाजा के पास, जायस में बहादुरपुर कस्बे के करीब, अमेठी में ककवा के निकट, जगदीशपुर में रायबरेली-अयोध्या हाईवे किनारे मौरंग मंडी लगती है। यहां बांदा, फतेहपुर से मौरंग व झांसी से गिट्टियां लादकर ओवरलोड ट्रक आते हैं। सब कुछ जानते हुए भी अफसर इन मंडियों में कम ही जाते हैं और कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है।
यहां भी चलता है एंट्री का खेल
विभागीय सूत्रों से पता चला है कि अंडर लोड, डॉक्टर और राजाबाबू कोड से वाहनों की एंट्री का खेल यहां भी चल रहा है। अमेठी और सुल्तानपुर में लगभग 30 लोग इस खेल में शामिल हैं। प्रति माह औसतन 12 हजार ओवरलोड वाहनों की एंट्री कराई जाती है और प्रत्येक से 2500 रुपये वसूले जाते हैं।