अमेठी। भाजपा की घोषित प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन इरानी बृहस्पतिवार को अमेठी पहुंचीं। इस बार उनका अंदाज अलग था। आधा दर्जन गांवों में पहुंचकर अपनाें को खो चुके लोगों से मिलीं। उन्हें ढांढस बंधाया। बाद में आवास पर पहुंचकर अलग-अलग पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की लेकिन, कोई भी राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।
केंद्रीय मंत्री स्मृति जूबिन ईरानी सबसे पहले कटरा फूल कुंवरि गांव में भाजपा बूथ अध्यक्ष स्वामी प्रसाद त्रिपाठी के घर पहुंचीं। परिवार के सदस्य की मौत पर शोक संवेदना जताई। भादर के घोरहा गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे दिवंगत हरिमूर्ति सिंह के चित्र पर माल्यार्पण किया। परिवार के लोगों से मुलाकात कर कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के संगठन विस्तार में स्वर्गीय हरिमूर्ति सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। बनवीरपुर गांव में भाजपा के मंडल अध्यक्ष चंद्रकेश यादव के परिवार से मुलाकात की। अधिवक्ता धर्मेंद्र पांडेय के घर पहुंचकर उनकी माता जी और चाची के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। यहां से केंद्रीय मंत्री सीधे कटरा हुलासी गांव पहुंची। यहां पिछले सप्ताह तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। स्मृति ने जितेन्द्र तिवारी की बूढ़ी मां के कंधे पर हाथ रखकर कहा कि ईश्वर और प्रकृति के सामने किसी का भी कोई वश नहीं। संकट की घड़ी में परिवार के साथ हैं, आगे भी परिवार के साथ खड़ी रहेंगी।
अलग-अलग पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक
- दोपहर करीब तीन बजे मेदन मवई स्थित आवास पहुंचीं केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा, विधानसभा चुनाव संचालन समितियों के पदाधिकारियों के साथ जिला कार्यकारिणी, मंडल अध्यक्ष/महामंत्री, सभी मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ एक-एक घंटे की अलग-अलग बैठक की। लोक सभा चुनाव के संबंध में चुनावी रणनीति पर बातचीत की।
यह रहे मौजूद
केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में निजी सचिव विजय गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, भाजपा जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्र, जिला महामंत्री सुधांशु शुक्ला, राकेश त्रिपाठी, चंद्र मौलि सिंह, राजेंद्र शुक्ला, भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विषुव मिश्रा, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष देव नारायण तिवारी,ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष घनश्याम चौरसिया, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष विजय कुमार, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आशा बाजपेई, अमरेन्द्र सिंह पिंटू आदि मौजूद थे।