अमेठी सिटी। धीरे चलने वाले चीन निर्मित मीटर ऊर्जा निगम की अर्थव्यवस्था को काफी हानि पहुंचाते हैं। ऐसे मीटर की तलाश लंबे समय से हो रही है, जिन्हें बदलकर नए मीटर लगाए जा रहे हैं। वहीं अब स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में जिला मुख्यालय गौरीगंज के शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जहां 5400 के लक्ष्य पर करीब 1800 स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं।
जिले में पुराने टाइप के काले रंग के बड़े साइज में मीटर बहुत पहले से लगाए गए हैं, जिन्हें बोलचाल की भाषा में लोग चीन निर्मित मीटर भी कहते हैं। ऊर्जा निगम के अनुसार यह मीटर खोजकर लोगों के घरों से हटाए जा चुके हैं। जिले में करीब सवा तीन लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिसमें से मात्र 10 हजार चीन निर्मित मीटर होने का अनुमान है। पता चलने पर इन्हें बदलने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
वहीं ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता रविकांत ने बताया कि स्लो चलने वाले मीटर को लोग चीन निर्मित मीटर कह देते हैं, जबकि सब यहीं के बने हुए हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अब सभी कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इसके लिए सबसे पहले गौरीगंज से शुरुआत कर दी गई है। इसके बाद नगर निकाय क्षेत्र व बाद में ग्रामीण क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इसी के साथ जिले के करीब 10 हजार सरकारी कार्यालयों में भी स्मार्ट लगाने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ होगी।
पोस्ट पेड हैं स्मार्ट मीटर
जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पोस्ट पेड हैं। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जैसे पुराने मीटर में बिलिंग व्यवस्था है, उसी तरह नए स्मार्ट मीटर की भी है। भविष्य में यह प्रीपेड भी हो सकते हैं। स्मार्ट मीटर लगवाने या लगाने का कोई शुल्क नहीं है। इसे पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है। पोलारिस फर्म के माध्यम से इसे लगाने का कार्य किया जा रहा है। जिले में शत-प्रतिशत मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर में एयरटेल का सिम भी लगा है, जिससे डेटा ट्रांसफर का कार्य लिया जा रहा है। बताया कि मुसाफिरखाना क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है, वहीं तीसरे चरण में जामो में भी लगाए जाने हैं, जिसके लिए अभी तक सर्वे का कार्य नहीं शुरू हो पाया है। फर्म को ही इसे 10 वर्ष तक संचालित करके दिखाना है।