अमेठी सिटी। नहरों में जमी सिल्ट के कारण टेल तक पानी न पहुंच पाने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे होने वाली परेशानी से बचाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च कर 1265 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई का काम होगा। इसका सीधा फायदा करीब दो लाख किसानों को मिलेगा। उन्हें सिंचाई के लिए निर्बाध पानी की उपलब्धता हो सकेगी।
जिले में सिंचाई के लिए जल शारदा सहायक प्रणाली के अन्तर्गत घाघरा नदी पर निर्मित गिरजा बैराज, बहराइच एवं शारदा नदी पर निर्मित शारदा बैराज जिला लखीमपुर खीरी से शारदा पोषक नहर के माध्यम से हैदरगढ़ शाखा एवं जौनपुर शाखा से निकलने वाली नहरों से पानी उपलब्ध कराया जाता है। सिंचाई के लिए टेल तक पानी पहुंचाने के लिए समय समय पर सिल्ट सफाई व अन्य कचरों की सफाई का कार्य भी किया जाता है। इस दौरान नहरों का संचालन बंद कर दिया जाता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सिल्ट सफाई कार्य के लिए नहरों का संचालन बंद किया गया है। सिंचाई विभाग खंड-41 के अधिशासी अभियंता मनीष रंजन ने बताया कि नहरों का संचालन अब 15 दिसंबर के बाद ही शुरू होगा। इससे पहले सभी नहरों में सफाई का कार्य होना है। वर्तमान में रबी फसल की बोआई का कार्य हो रहा है। फसल उगने के बाद से सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। इस दौरान सफाई कार्य पूरा हो जाने पर किसानों को सिंचाई के लिए आसानी से पानी मुहैया हो सकेगा।
कुल छह खंडों में होगा कार्य
अधिशासी अभियंता ने बताया कि जिले में कुल छह खंडों में सिंचाई कार्य किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कुछ नहरों का कार्य आदेश भी जारी हो गया है। वहीं कुछ नहरों का कार्य आदेश जारी होना बाकी है। फिलहाल 15 दिसंबर से पहले तक सिल्ट सफाई का कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
239 किमी अधिक होगी सिल्ट की सफाई
सिंचाई कार्यक्षेत्र में एक नहर शाखा (लंबाई 61.4 किमी), 30 रजबहा (लंबाई 477.46 किमी) तथा 290 अल्पिकाएं (लंबाई 903 किमी) है। जिले में नहरों की लंबाई 1446.32 किमी हैं। वर्तमान सिल्ट सफाई वर्ष 2024-25 में नहरों की कुल लंबाई 1446.32 किमी के सापेक्ष 1265.33 किमी लंबाई में नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य कराया जाना है। जो बीते वर्ष के मुकाबले 239 किमी अधिक होगा।