अमेठी। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के महागौरी व सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना की। स्थापना व अष्टमी व्रत रहने वालों ने मंत्रोच्चार के बीच हवन पूजन किया तो नवरात्र व्रत रखने वाले रविवार को हवन-पूजन के साथ कलश विर्सजन करेगें। शनिवार को घर व मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां की आरती के बाद प्रसाद व कन्या भोज का आयोजन कर अखंड सौभाग्य की कामना की।
शक्ति व साधन की प्रतीक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु नवरात्र में मां की विशेष आरधाना करते हैं। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी व नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का पूजन किया।
देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव ने मां काली पर गंगाजन छिड़का तो वे महागौरी के रूप में प्रकट हुईं। महागौरी की पूजा से श्रद्धालुओं को धन-संपदा तो मार्कंडेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, पराक्रम्य, ईशित्व और वशित्व आठ सिद्धियां हैं।
जिन्हें सिद्धिदात्री का पूजन कर श्रद्धालु प्राप्त करते हैं। शनिवार को अष्टमी के साथ नवमी होने के चलते क्षेत्र के प्रमुख शक्ति पीठों के साथ ही दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में स्थित देवी मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
राघीपुर के दुर्गन भवानी धाम, अमेठी के देवी पाटन, संग्रामपुर के मां कालिकन धाम सहित सभी प्रमुख मंदिर भक्ति का माहौल उफान पर रहा। परिसर में भंडारे के साथ ही कन्या भोज का आयोजन कर लोगों ने अखंड सौभाग्य प्राप्त करने की कामना की।