अमेठी सिटी। किसानों को खरीफ सीजन में डीएपी और एनपीके की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। समितियों पर ताले लटक रहे हैं और गोदाम खाली पड़े हैं। किसानों को प्रति बोरी 100 रुपये अधिक देकर डीएपी और एनपीके खरीदनी पड़ रही है।
धान की रोपाई शुरू हो गई है, जिसके चलते डीएपी की मांग बढ़ गई है। मंगलवार को अमेठी स्थित इफको सेंटर पर डीएपी लेने आए किसान उमेश कुमार, विवेक मिश्र, रामकृष्ण, अशोक कुमार ने बताया कि यहां पर सिर्फ यूरिया ही उपलब्ध है। डीएपी के लिए चार दिनों से वह परेशान हैं। कहा कि निजी दुकानों पर प्रति बोरी 100 रुपये अधिक देकर डीएपी व एनपीके लेनी पड़ रही है। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक शिशुपाल ने बताया कि इसी सप्ताह रैक आ रही है। जल्द ही किसानों को खाद उपलब्ध करा दी जाएगी।
संग्रामपुर ब्लॉक मुख्यालय स्थित इफको केंद्र पर मंगलवार सुबह 11 बजे ताला लटक रहा था। किसान वरुण सिंह व राधेश्याम सिंह ने बताया कि वह धान की रोपाई के लिए डीएपी लेने आए हैं, लेकिन केंद्र पर कोई नहीं है। माहभर के भीतर तीन बार केंद्र आ चुके हैं, लेकिन यहां ताला लगा रहता है। निजी दुकान पर ज्यादा दाम पर खाद बेची जा रही है।
खाद के लिए भटक रहे किसान
भादर (अमेठी)। क्षेत्र की अधिकांश समितियों पर डीएपी नहीं है। साधन सहकारी समिति ढेमा पर डीएपी के साथ एनपीके भी नहीं है। दोपहर 12 बजे किसान राणा सिंह, अजय सिंह गांधी, विकास पाल, ओम प्रकाश यादव केंद्र के बाहर खड़े मिले। बताया कि मजबूरन निजी दुकानदारों के यहां से औने-पौने दाम पर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। सचिव प्रमोद शुक्ला ने बताया कि खाद की मांग भेजी गई है। (संवाद)