अमेठी। सावन माह का आज पहला दिन है। शिव भक्तों की पूजा अर्चना के लिए जिले के 942 शिव मंदिर सजधज कर तैयार हो गए हैं। एक माह तक शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक व रूद्राभिषेक कर परिवार, समाज, देश व विश्व कल्याण की कामना करेंगे।
सावन मास का शुभारंभ इस बार सोमवार को हो रहा है। जिले में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिरों के साथ अन्य शिवालय आज से हर हर महादेव, ऊं नमः शिवाय, बोल-बम के जयकारे से शिवालय एक माह तक गूंजते रहेंगे। जिले के 42 प्राचीन व बड़े शिव मदिर सहित 942 शिवालय सजधज कर तैयार हो चुके हैं। साफ-सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाएं मंदिर प्रशासन की ओर से पूरी करा ली गई है।
सावन मास में श्रद्धालु प्रतिदिन शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर उनकी विधि विधान पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालु कांवड़ यात्रा लेकर जाते हैं। सुदूर क्षेत्रों से आकर कांवड़िये शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं।
रविवार की शाम तक जिले के ताला महादेवन स्थित बाबा मुकुट नाथ धाम, महादेवन गोसाईगंज, जगेश्वरनाथ धाम, बाबा दुखहरण नाथ धाम, बाबा झारखंडेश्वर नाथ, नर्वदेश्वरनाथ धाम, दूधनाथ, बूढ़े बाबा शिव मंदिर आदि मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गईं। कावड़ियों का जत्था पड़ोसी जिले घुइसरनाथ धाम, बाबा बैजनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम, हरिद्वार समेत अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जाता है। शिवालयों और घरों में लोग रुद्राभिषेक आदि कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र और उनके प्रिय पदार्थों को चढ़ा कर उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
11 लाख महा मृत्युंजय मंत्र जप का होगा शुभारंभ
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गौरीगंज के बाबूगंज स्थित सगरा आश्रम में एक माह तक लगातार विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महराज ने बताया कि सोमवार भोर तीन बजे से भगवान शिव जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश का यह पहला शिव मंदिर है, जहां एक माह तक भगवान शिव की जलाभिषेक से नहीं इत्र अघ्टगंध एवं चावल से पूजा होगी है। सुबह सात बजे से भगवान महाकाल की पूजा के साथ 11 लाख महामृत्युंज मंत्र जप का शुभारंभ होगा। शाम को गौरी महाआरती होगी। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
42 प्रसिद्ध बड़े मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सावन मास में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के साथ अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित सीओ और एसओ को निर्देश दिए गए हैं। जिले में चिन्हित 42 प्राचीन व बड़े शिवालयों पर महिला व पुरुष सिपाही के साथ सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बताया कि मंदिर परिसरों में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन कैमरे व नदी व जलाशयों में जल भरने वाले स्थानों पर गोताखोर की व्यवस्था की गई है। कावड़ लेकर जाने वाले कावड़ियों के रूट पर पुलिस लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर रूट डायवर्जन की भी किया जाएगा।