जगदीशपुर (अमेठी)। हिजाब पहनकर रामलला के दर्शन के लिए मुंबई से 1500 किमी का सफर पैदल कर शबनम सभी के लिए आस्था का मिसाल कायम बन रहीं हैं। ठिठुरती सर्द हवाओं के बीच माथे पर पसीना और पैरों में छाले पड़ गए हैं। लेकिन कदम नहीं ठहरे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने की खबर सुनकर लोग अपनी अपनी आस्था से भाव प्रकट कर अयोध्या पथ पर आए दिन देखने को मिल रहें हैं, पिछले 22 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से देश के विभिन्न प्रदेशों से लोग मन में दर्शनों की चाह लिए जाते हुए देखे जा रहे हैं।
इसी क्रम में मुंबई के चर्च गेट क्षेत्र से पैदल यात्रा शुरू कर अयोध्या धाम के लिए निकलीं महिला का नाम शबनम शेख हैं। हिजाब पहने और हाथ में भगवा ध्वज लिए शबनम का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। मुंबई से अयोध्या की दूरी 1577 किलोमीटर है। करीब 1500 किलोमीटर का सफर तय कर अमेठी के जगदीशपुर पहुंचीं। यहां पर रात्रि विश्राम के बाद शनिवार की सुबह गंतव्य के लिए कूंच करते समय लोगों ने अंग वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया।
रामभजन गुनगुनाते 36 दिनों में पूरा हुआ सफर
फिलहाल शबनम का कहना है कि राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी, गीत गुनगुनाते हुए यह सफर 36 दिनों में कट गया है। 21 दिसंबर को सफर शुरू करने के बाद जगदीशपुर पहुंचीं हैं। शनिवार को आगे की यात्रा कर कर रविवार को उन्हें श्री राम के दर्शन करने की प्रबल इच्छा है। मुंबई से पैदल चली 20 वर्षीय शबनम शेख महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली के रास्ते यहां पहुंची। शबनम ने बताया कि बचपन से ही भगवान राम में आस्था रखती चली आई हैं।
शबनम के साथ रमन राज शर्मा, विनीत पांडे और शुभम गुप्ता हैं। स्वागत करने वालों में सोनू यज्ञ सैनी, जयशंकर त्रिवेदी मुन्ना, दीपक मौर्य विजय कौशल, भगवानदास यज्ञसैनी, टीटी कौशल, राहुल वैश्य, लालू वैश्य, सतीश कौशल, रजत मिश्र आदि प्रमुख रहे।