अमेठी। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत शासन व जिला प्रशासन का निर्देश जिले के सात क्रय केंद्र प्रभारियों के लिए मायने नहीं रखता। आलम यह है कि 37 दिन बीतने के बावजूद आज तक इन केंद्रों पर खरीद की बोहनी नहीं हो सकी है।
43 केंद्रों पर 1,208 किसानों से मात्र 5,933 एमटी धान की खरीद हुई है। ऐसे में किसान बिचौलियों के हाथ अपनी फसल कम मूल्य पर बेचने को मजबूर हैं।
किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य दिलाने के लिए शासन के निर्देश पर डीएम अरुण कुमार ने जिले में 50 क्रय केंद्रों का अनुमोदन करते हुए 15 अक्टूबर से धान खरीद करने का निर्देश दिया था।
निर्देश के बावजूद मिल रही शिकायत पर डीएम ने अफसरों से सत्यापन कराते हुए कार्रवाई की चेतावनी प्रभारियों को दे रखी है। बाबजूद इसके 36 दिन बाद भी पीसीएफ के क्रय केंद्र इन्हौना, गोरियाबाद, पिंडारा करनाई, नेकाफ एजेंसी के दुलापुर खुर्द, पीढ़ी व तिलोई तथा विपणन शाखा के पंजीकृत सहकारी समिति हरपालपुर में बोहनी तक नहीं हुई है तो अन्य 43 केंद्रों पर 1,208 किसानों से 5,933 एमटी ही धान खरीद हुई है।
जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद क्रय केंद्रों पर धीमी खरीद व केंद्र प्रभारियों की मनमानी से जहां किसान बिचौलियों के हाथ या बाजार में कम मूल्य पर धान बेचने को मजूबर हो रहे हैं वहीं शासन-प्रशासन की मंशा जिले में पूरी तरह फ्लाप साबित हो रही है। खरीद की गति देखकर निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा होना असंभव प्रतीत हो रहा है।
जिला खरीद प्रभारी वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में मसूरी धान का अधिक उत्पादन होता है। मसूरी की फसल नवंबर माह में तैयार होती है इससे अभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद में तेजी नहीं आई है। सभी केंद्र प्रभारियों को किसानों से संपर्क कर खरीद करने का निर्देश दिया गया है। क्रय पर किसानों से खरीद नहीं होने तथा किसानों को परेशानी होने पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने जिले में किसानों से फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत निर्धारित क्रय केंद्र पर ही फसल बिक्री करने की अपील की है। एडीएम ने किसानों से क्रय केंद्र पर असुविधा होने या प्रभारी की ओर से धान खरीद में आनाकानी करने की दशा में उनके पास लिखित या सीयूजी फोन नंबर 9454418892 पर सूचना देने को कहा है। एडीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर शत-प्रतिशत किसानों की खरीद होगी।