जामों के भीखीपुर में कथा सुनते श्रद्धालु। स्त्रोत : आयोजक
जामों। सनातन धर्म सभी धर्मों से सर्वश्रेष्ठ है। इसको बचाने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है। इसी के बल पर मानव का कल्याण संभव हो सकता है। ये बातें भीखीपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक संत मुकेश आनंद महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि सच्ची शक्ति विनम्रता और सेवाभाव जिस मनुष्य में निहित होती है, उनके ऊपर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बरसती है। मनुष्य को निर्मल मन से भगवान का भजन-कीर्तन करना चाहिए। इससे परिवार सुखमय जीवन व्यतीत करता है। प्रवाचक ने कहा कि भगवान ने ब्रजवासियों को इंद्र के बजाय गोवर्धन की पूजा करने की सलाह दी तो नाराज होकर इंद्र ने अतिवृष्टि करनी शुरु कर दी।
भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा कर उनके घमंड को खत्म कर दिया। इसलिए मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। घमंड करने वाले लोगों के पास ईश्वर नहीं आते हैं। तब से गोवर्धन पूजा होने लगी। इस दौरान मुख्य यजमान सुरेंद्र कुमार सिंह, उनकी पत्नी उमा सिंह, रामबरन सिंह, नीरज कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, विपिन सिंह, राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।