बाजारशुकुल। बडगाइन गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को प्रवाचक आचार्य पवन कृष्ण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि कलयुग में केवल भक्ति मार्ग अपनाकर ही मानव जीवन का परम लक्ष्य मोक्ष प्राप्त हो सकता है।
प्रवाचक ने बताया कि भगवान का अवतार धर्म की स्थापना के लिए होता है, पर उनका जीवन प्रेम, धर्म और त्याग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि माया के बंधनों से मुक्ति पाने के लिए निस्वार्थ भक्ति ही एकमात्र उपाय है। कलयुग में मोक्ष का द्वार भक्ति से ही खुलता है। कथा के दौरान जब श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया तो पूरा पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो’ के जयकारों से गूंज उठा। कथा स्थल पर अशोक शुक्ला, दिव्य तीर्थ मिश्रा, राजेश शुक्ला, मयंक शुक्ला, विनीत शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। (संवाद)