अमेठी सिटी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में लाभार्थियों को ढाई लाख रुपये घर बनाने के लिए दिए जाते हैं। लेकिन योजना से जुड़े 303 लाभार्थियों ने धनराशि लेने के बाद मकान ही नहीं बनवाया। ऐसे लोगों से अब 4.78 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के लिए डूडा की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है।
शहरी क्षेत्र में झोपड़ी में जीवनयापन कर रहे लोगों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) संचालित है। योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2017 में नगर पालिका परिषद गौरीगंज में 2672, जायस में 4062, नगर पंचायत अमेठी में 808 व मुसाफिरखाना में 134 व्यक्तियों को आवास के लिए चयनित किया गया था। इन सभी को प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये आवास निर्माण शुरू करने के लिए भेजे गए थे। लेकिन 85 लाभार्थियों ने किस्त मिलने के बाद आज तक आवास का निर्माण नहीं शुरू किया।
वहीं प्रथम किस्त 50 हजार व द्वितीय किस्त डेढ़ लाख रुपये पाने वाले 218 लाभार्थियों के आवास अब तक अपूर्ण हैं, जबकि जिला नगरीय विकास अभिकरण विभाग की ओर से इन लाभार्थियों को दो बार नोटिस जारी हो चुका है। स्थानीय निकाय प्रभारी एवं एडीएम कार्यालय से भी एक बार नोटिस भेजा गया है। इसके बावजूद इन लाभार्थियों ने आवास का निर्माण शुरू नहीं कराया है। ऐसे लोगों के खिलाफ डूडा सख्त रुख अपनाने जा रहा है। विभाग की ओर से इन सभी को निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए अंतिम नोटिस भेजा गया है। नोटिस में निर्माण कार्य शुरू नहीं कराने पर प्रथम किस्त की रकम की ब्याज समेत वसूली की चेतावनी दी गई है।
- निकायवार आवास निर्माण न करने वाले लाभार्थियों की संख्या
निकाय - प्रथम किस्त - द्वितीय किस्त
गौरीगंज - 29 - 59
जायस - 40 - 148
अमेठी - 13 - 10
मुसाफिरखाना - 03 - 01
28 लाभार्थियों ने स्वेच्छा से लौटाई किस्त
चारों निकायों के 28 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने भूमि का अभाव एवं पारिवारिक विवाद के चलते आवास की किस्त स्वेच्छा से विभाग को वापस कर दी है। इनमें नगर पालिका जायस के सर्वाधिक 19 लाभार्थी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना में चार-चार तथा अमेठी में एक लाभार्थी ने आवास निर्माण करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
नहीं कर रहे निर्माण, करवाई जाएगी रिकवरी
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत किस्त पाने के बाद भी आवास का निर्माण शुरू नहीं कराने वाले लाभार्थियों को अंतिम नोटिस भेजी जा चुका है, लेकिन निर्माण नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में किस्त मिलने के बाद भी आवास का निर्माण न करने वाले लाभार्थियों की सूची तहसील व संबंधित नगर निकाय को मुहैया करा दी गई है। तहसील स्तर से रिकवरी की प्रक्रिया कराई जाएगी।
प्रीति तिवारी, एसडीएम गौरीगंज (प्रभारी पीओ डूडा)