गौरीगंज (अमेठी)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्य पुस्तकें बाजार से गायब है। कक्षा नौ व दसवीं की एनसीईआरटी की तरफ से प्रकाशित किताबों का सेट बाजार में ढूंढें नहीं मिल रहा। इससे परेशान अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों वाला सेट मोटी कीमत चुका कर खरीदने की परेशानी उठाना पड़ रही है। इसके चलते ही कक्षा नौ के लिए एनसीईआरटी की तरफ से मात्र 263 रुपये में मिलने वाला किताबों का सेट 1278 रुपये में जबकि दसवीं कक्षा की किताबों का सेट 252 रुपये की जगह 1320 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी बेस्ड किताबें पढ़ाने को कहा है। इसका उद्देश्य अभिभावकों को निजी प्रकाशकों द्वारा मोटे दाम पर बेची जाने वाली महंगी किताबों को खरीदने की परेशानी से बचाना था। इसके बावजूद नया शैक्षिक शुरू हो जाने के बावजूद बाजार में एनसीईआरटी की किताबें ढूंढे नहीं मिल रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को मजबूरी में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों को खरीदना पड़ रहा है।
जिले में राजकीय कॉलेज-36
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज-25
वित्त विहीन इंटर कॉलेज- 180
कक्षा नौ में पंजीकृत विद्यार्थी- 23612
कक्षा दस में पंजीकृत विद्यार्थी-27258
कक्षा 11 में पंजीकृत विद्यार्थी-18,166
कक्षा 12 वीं में पंजीकृत विद्यार्थी-22366
कीमतों में ढाई से तीन गुना तक अंतर
कक्षा- 9
एनसीईआरटी 263 रुपये
निजी प्रकाशक 1278 रुपये
कक्षा- 10
एनसीईआरटी 252 रुपये
निजी प्रकाशक 1320 रुपये
कक्षा- 11 विज्ञान वर्ग
एनसीईआरटी 380 रुपये
निजी प्रकाशक 1530 रुपये
कक्षा- 11 कला वर्ग
एनसीईआरटी 210 रुपये
निजी प्रकाशक 1100 रुपये
कक्षा- 12 विज्ञान वर्ग
एनसीईआरटी 320 रुपये
निजी प्रकाशक 1400 रुपये
कक्षा- 12 कला वर्ग
एनसीईआरट 180 रुपये
निजी प्रकाशक 1050 रुपये
अभिभावकों को हो रही परेशानी
शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू होने के बाद शासन की ओर से अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्य पुस्तक न मिलने से समस्या आ रही है। शासन की ओर से जारी सूची में न्यूनतम आठ रुपये से लेकर अधिकतम 77 रुपये तक किताबों के दाम तय है। जबकि बाजार में मौजूद निजी प्रकाशकों की एनसीईआरटी बेस्ड पाठ्य पुस्तक 200-290 रुपये तक बिक रही है।
नहीं मिल रही सस्ती पाठ्यपुस्तक
फोटो संख्या- 15 से 18
शहर स्थित मनीषी बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा दिव्यांशी ने बताया कि स्कूल से एनसीईआरटी की ही किताब खरीदने के लिए कहा गया है। गौरीगंज के साथ आस-पास की बाजारों में किताब न मिलने के कारण ही मजबूरी में महंगी मिलने वाली निजी प्रकाशकों की एनसीईआरटी बेस्ड किताब खरीद कर पढ़ाई करना पड़ रही है। हाईस्कूल की छात्रा सुहानी ने बताया कि किताब नहीं मिलने की सूचना के बाद कॉलेज की ओर से लखनऊ भी संपर्क किया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है।
कक्षा 11 की छात्रा विनीता ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग को अधिकृत प्रकाशकों की सस्ती दर की किताबें मुहैया कराना चाहिए। ऐसा न होने से शिक्षण में काफी परेशानी हो रही है। पढ़ाई करनी है तो महंगी किताब खरीदना पड़ रही हैं।
शिविर लगा कर मुहैया कराई जाएगी किताबें
विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की किताबें आसानी से दुकानों पर उपलब्ध हो सके, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। प्रकाशकों को भी पत्र भेजकर पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। राजकीय कॉलेजों में जल्दी ही कैंप लगाकर अधिकृत पाठ्यपुस्तक निर्धारित रेट पर विद्यार्थियों को मुहैया कराई जाएगी।
रीता सिंह-डीआईओएस