अमेठी सिटी। गलत सूचनाएं देकर अलग-अलग ब्लॉकों में 141 अपात्रों ने प्रधानमंत्री आवास का लाभ ले लिया। धनराशि मिलने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया। विभाग की ओर से जांच की गई तो यह सभी अपात्र मिले। अब विभाग की ओर से आरसी जारी कर रिकवरी कराए जाने के लिए तहसीलों को पत्र दिया गया है। इन अपात्रों से 1.69 करोड़ रुपये की रिकवरी होगी।
वर्ष 2016-17 से प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत हुई। योजना के तहत लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। पहली किस्त 40 हजार तो दूसरी 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये की दी जाती है। इसके अलावा 100 दिन की मनरेगा मजदूरी दी जाती है। प्रसाधन नहीं होने पर 12 हजार रुपये प्रसाधन निर्माण के लिए दिए जाते हैं।
वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक 82,326 पीएम आवास स्वीकृत किए गए, जिसमें 141 लोग ऐसे मिले, जिन्होंने तीनों किस्त ले ली और आवास का निर्माण नहीं करााय। सूत्रों की मानें तो जुगाड़ के माध्यम से अपात्र व निर्माण नहीं करने पर भी आवास की किस्त ले ली, इसमें शामिल विभाग के कर्मचारी अपना हित साधते रहे।
विभाग की ओर से जब इसका दोबारा सत्यापन कराया गया तो यह सभी अपात्र निकले। इसके बाद उच्चाधिकारियों की नींद खुली तो उन्होंने केवल रिकवरी की कवायद शुरू की। सभी अपात्रों के खिलाफ आरसी जारी कर वसूली करने के संबंध में तहसील प्रशासन को जिम्मेदारी दी गई है। राशि नहीं देने वालों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई होगी।
परियोजना निदेशक एश्वर्य यादव ने बताया कि पीएम ग्रामीण आवास योजना में अब तक 141 लोग अपात्र मिले हैं। इन लोगों ने गलत सूचनाएं देकर किस्त ली और आवास का निर्माण नहीं कराया।
तहसील के माध्यम से वसूली कराई जा रही है। बताया कि धनराशि नहीं देने पर संबंधित के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई होगी।