अमेठी बस स्टाप पर प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। स्रोत: स्थानीय नागरिक
अमेठी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के बैनर तले डिपो के कर्मचारियों ने शुक्रवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डिपो परिसर में जुटे कर्मचारियों ने समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और एआरएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग उठाई।
कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही लंबी दूरी के मार्गों पर निगम की बसें बढ़ाने, अतिरिक्त यात्रीकर में असमानता खत्म करने और एक्सप्रेसवे व हाईवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करने की मांग भी की गई।
संविदा चालकों-परिचालकों के नियमितीकरण और तीन दिसंबर 2001 तक नियुक्त कर्मियों को स्थायी करने का मुद्दा प्रमुख रहा। कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई। इसके अलावा रिक्त पदों पर भर्ती, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के लिए सेवा नियमावली लागू करने तथा न्यूनतम वेतन, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं देने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने रात्रि व किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी, अनुचित चालान व वेतन कटौती पर रोक और कार्यशालाओं के निजीकरण को समाप्त करने की भी मांग की। इस मौके पर डिपो के अध्यक्ष राजा बहादुर सिंह, राजेंद्र सरोज, मनोज कुमार, राजेश, एपी सिंह, राजेंद्र सिंह, इरशाद, पिंटू, गिरीश त्रिपाठी, सुनील कुमार सहित डिपो व वर्कशॉप के सभी कर्मचारी मौजूद रहे। एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि ज्ञापन शासन को भेजा जाएगा।