गौरीगंज (अमेठी)। तेजी से फैल रहे कोरोना का भय अब हर किसी को सताने लगा है। शनिवार को शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा तो बाजारों में बंदी जैसे हालात दिखे। यदा कदा ही सड़कों पर वाहन आते-जाते देखे गए।
समाचार पत्रों व टीवी चैनलों पर हर रोज तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या का भय अब सभी को सताने लगा है। शुक्रवार को लखनऊ में एक साथ कई मरीज मिलने का भय भी शनिवार को क्षेत्र में देखा गया। जिला मुख्यालय की सड़कों पर जहां हर रोज भारी भीड़ रहती थी वहीं शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा।
कुछ समय के अंतराल पर एकाध वाहन सड़कों का सन्नाटा चीरते नजर आ रहे थे। दुकानें तो खुली थीं लेकिन वहां ग्राहकों की संख्या नहीं के बराबर रही। मेडिकल स्टारों पर भीड़ जरूर देखी गई। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद होने के चलते बीमार लोग मेडिकल स्टारों पर पहुंचकर दवा खरीदते रहे।
रेलवे व बस स्टेशनों पर भी शनिवार को लोगों की संख्या बहुत ही कम रही। कोरोना को लेकर जहां एक दिन पहले तक लोगों में कोई सावधानी नहीं दिख रही थी वह शनिवार को अचानक दिखने लगी। नौकरी पेशा ही घरों से बाहर निकले। लोग बिना किसी आवश्यक कार्य के घरों से निकलने में परहेज करना शुरू कर दिया है।
कई दुकानदारों ने कहा कि आज दोपहर एक बजे तक बोहनी तक नहीं हुई है। उनका यह भी कहना था यदि ऐसा ही रहा तो वे भी कुछ दिनों के लिए अपनी दुकानें बंद कर घर पर ही रहेंगे। यहीं नहीं जिले के होटलों पर भी कुर्सियां खाली रही। संचालक दिन भर ग्राहकों का इंतजार करते रहे। चाय पान के अलावा होटलों पर भोजन व नाश्ता करने वालों 1की संख्या नहीं के बराबर रही।