अमेठी सिटी। अब जिले के 208 स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना की जाएगी। निगरानी के लिए एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग प्रशिक्षित करेगा। प्रत्येक क्लास में एक-एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन नियुक्त किया जाएगा। इसमें प्रतिदिन बच्चों को नियमों की जानकारी दी जाएगी।
अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग से बढ़ रहे हादसों पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए शासन ने कड़े निर्देश दिए हैं। अब 18 साल से कम उम्र के किशोर स्कूटी-कार नहीं चला सकेंगे। उन्हें वाहन देने वाले स्वामियों को तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग की मदद से माध्यमिक विद्यालयों में सख्ती होगी।
विद्यालय में एक सत्र सड़क सुरक्षा की जानकारी की भी लगेगी। हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग के सहयोग से ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। रोड सेफ्टी क्लब के गठन के लिए स्कूलों को पांच-पांच हजार और दीवारों पर यातायात नियम व स्लोगन लिखवाने के लिए भी प्रति विद्यालय 500 रुपये मिलेंगे।
यह मिले निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस सहित समस्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन / प्रवर्तन) को निर्देश जारी किया है।
कहा है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के एक्टिवा, बाइक व अन्य वाहन चलाने से अनेक दुर्घटनाएं हो रही हैं। विशेषज्ञों द्वारा मिले आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले 40 प्रतिशत नाबालिग बच्चे होते हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाए जाने पर रोक लगाए जाने के लिए कानून का कड़ाई से पालन कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
क्लब की स्थापना के लिए निर्देश
यातायात विभाग के सहयोग के जरिए कड़ाई से निर्देशों का पालन कराया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। प्रतिदिन बच्चों को जागरूक करने के साथ नियमों की जानकारी देते हुए नियमों का पालन करने के प्रति प्रोत्साहित किया जाएग।
- रीता सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
मोटर अधिनियम 1988 की धारा 4 में वाहन चलाने के लिए कोई भी व्यक्ति जिसका लाइसेंस बनना है उसकी उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। मौजूदा समय में जो भी वाहन आ रहे हैं, वह 100 सीसी या उसके ऊपर की क्षमता की है। अब यह नियम जारी किया गया है कि यदि अभिभावक अपने बच्चे या फिर किसी ऐसे व्यक्ति को वाहन चलाने के लिए देता है, जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। अभिवावक या ऐसे वाहन स्वामी को दोषी मानते हुए उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। उनको नोटिस देने के साथ-साथ प्रवर्तन टीम द्वारा उन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
- सर्वेश सिंह-एआरटीओ प्रशासन