गौरीगंज (अमेठी)। भादर ब्लॉक के मवइया गांव में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद गांव को संक्रमण मुक्त बनाने की कवायद शुरू हो गई है। गांव को कंटेनमेंट घोषित करने के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित टीमें डोर-टू-डोर सर्वे कर संक्रमित के क्लोज कॉन्टेक्ट खंगाल रही हैं तो स्वास्थ्य टीमें थर्मल स्क्रीनिंग में जुटी हैं। गांव में प्रवेश व निकास प्रतिबंधित करते हुए आवश्यक सामग्री की डोर-स्टेप डिलीवरी कराने का आदेश दिया गया है।
भादर ब्लॉक के मवइया गांव में मुंबई से आया एक युवक शनिवार रात कोरोना पॉजिटिव पाया गया। युवक के संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद डीएम अरुण कुमार ने उसे इलाज के लिए लेवल-1 अस्पताल भेजते हुए गांव को कंटेनमेेंट जोन घोषित किया है। कंटेनमेंट घोषित गांव में दो मजिस्ट्रेट के साथ दो आशा बहू व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ पर्यवेक्षणीय अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है।
नामित टीमों ने शनिवार को संक्रमित मरीजों के क्लोज कॉन्टेक्ट के साथ उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा किसी को भी बुखार, सर्दी, खासी तथा सांस फूलने आदि की समस्या के बारे में जानकारी एकत्र की। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ उनका स्वास्थ्य परीक्षण तो फायर बिग्रेड के साथ सफाई कर्मी गांव को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए सैनिटाइज करने में जुटे हैं।
गांव की सीमा सील करते हुए आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। गांव की सीमा पर बने बैरियर पर पुलिस कर्मी अधिकृत लोगों को प्रवेश देने के साथ ही माइक से लोगों को अपने घरों में रहने की अपील करने में जुटे रहे। ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से हो रही है।