अमेठी सिटी। तय रोस्टर के बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। लोकल फाॅल्ट और ओवरलोड के नाम पर बार-बार बिजली कटौती की जा रही है। इससे घरेलू कामकाज, सिंचाई और बाजार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
लगातार हो रही ट्रिपिंग और शटडाउन से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। जिला मुख्यालय समेत आसपास के उपकेंद्रों पर लगे ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक लोड पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति शुरू होते ही ट्रिपिंग की समस्या बढ़ जाती है। गर्मी शुरू होने से पहले ऊर्जा निगम ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू की थी, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका।
तापमान बढ़ने के साथ पुराने ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने लगे हैं। जर्जर तार और पुराने खंभे भी लोकल फाॅल्ट की बड़ी वजह बने हुए हैं। जंपर खराब होने से समस्या और बढ़ रही है। शहर और गांवों में बिजली बहाल होने के कुछ ही देर बाद फाॅल्ट आने लगते हैं। जिला मुख्यालय पर दिन में कई बार 10 से 15 मिनट तक बिजली कटौती की गई।
अमेठी और संग्रामपुर उपकेंद्रों से भी बार-बार आपूर्ति बाधित रही, जिससे उपभोक्ता परेशान रहे। तिलोई और जगदीशपुर खंड के कई उपकेंद्रों में मरम्मत कार्य के लिए बार-बार शटडाउन लिया जा रहा है।
लाइन मरम्मत, खंभे लगाने और टेस्टिंग के चलते लंबे समय तक बिजली बंद रखनी पड़ रही है। मऊ और मुसाफिरखाना ग्रामीण क्षेत्र में भी कई बार बिजली आपूर्ति बाधित रही।
गौरीगंज के एक्सईएन अभिषेक कुमार ने बताया कि लोकल फाॅल्ट आने पर कर्मचारियों को शटडाउन लेकर मरम्मत करनी पड़ती है। इस दौरान बिजली आपूर्ति बंद करनी होती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कोई अतिरिक्त कटौती नहीं की जा रही है।