तिलोई। राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर उपजिलाधिकारी तिलोई ने कोटे की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही अनुबंध समाप्त करते हुए जमानत राशि भी जब्त कर ली गई। यह कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
सेमरौता गांव में राशन वितरण में धांधली की शिकायत ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से की थी। इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर सरकारी गल्ले की दुकान पर छापा मारकर जांच कराई गई। जांच के दौरान कोटेदार शिवशंकर गुप्ता की ओर से गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद दुकान का लाइसेंस पहले ही निलंबित कर दिया गया था।
पूर्ति निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच में कोटेदार पर 10.20 क्विंटल गेहूं और 24.06 क्विंटल चावल के गबन का आरोप साबित हुआ। मामले में जुलाई 2025 में शिवरतनगंज थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। उपजिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में आरोप प्रमाणित पाए गए। साथ ही लाइसेंसधारक ने लगाए गए आरोपों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ऐसे में जनहित को देखते हुए उचित दर विक्रेता के रूप में लाइसेंस बनाए रखना उचित नहीं पाया गया।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद उचित दर विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया और अनुबंध समाप्त कर जमानत राशि भी जब्त कर ली गई।