अमेठी सिटी। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने 2009 में दर्ज दुष्कर्म केस के दोषी को चार साल कैद की सजा सुनाई। कैद के साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए राशि जमा नहीं करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।
जायस थाने के एक गांव निवासी महिला ने 2009 में पूरे बाराखां मजरे मोहना निवासी मुस्ताफ अहमद पर नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करते हुए मुस्ताफ अहमद को जेल भेज दिया था। तत्कालीन उपनिरीक्षक तेजसिंह यादव ने जांच करते हुए साक्ष्य समेत आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
रायबरेली कोर्ट में मामला विचाराधीन देखते हुए पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन में चिन्हित करते हुए प्रभावी परैवी शुरू की। पुलिस की पैरवी से गवाहों के बयान व साक्ष्यों पर अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायधीश-तृतीय रायबरेली कोर्ट ने मुस्ताफ अहमद को दुष्कर्म में दोषी करार दिया। कोर्ट ने चार साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एसपी अनूप कुमार सिंह ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शुक्रवार को मुस्ताफ अहमद को सजा सुनाए जाने की पुष्टि की है।