बाजारशुकुल (अमेठी)। सीता हरण और राम-रावण युद्ध रामायण के दो महत्वपूर्ण प्रसंग हैं। रावण ने सीता का हरण किया, जिसके बाद राम ने रावण से युद्ध किया। यह युद्ध लंका में हुआ, जहां राम ने रावण को मारकर माता सीता को छुड़ाया। ये बातें इंदरिया तिवारीपुर में रामकथा में मंगलवार को प्रवाचक सुखचेतन ने कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि लंका के राजा रावण ने माता सीता का अपहरण करने के लिए मारीच नामक राक्षस को सोने का हिरन बनाकर भेजा। माता सीता के आग्रह पर भगवान राम उस मायावी हिरन को पकड़ने चले गए। लक्ष्मण को सीता की रक्षा के लिए छोड़कर राम ने हिरन का पीछा किया। मारीच ने राम की आवाज में लक्ष्मण और सीता को मदद के लिए पुकारा। लक्ष्मण ने कुटिया के चारों ओर एक लक्ष्मण रेखा खींची और राम की मदद के लिए गए।
इसी बीच रावण ने ऋषि का रूप धारण कर माता सीता का अपहरण कर लिया। प्रवाचक ने कहा कि राम ने हनुमान, सुग्रीव और वानर सेना की सहायता से लंका पर चढ़ाई की और युद्ध में रावण सहित सभी राक्षस मारे गए। रावण के भाई विभीषण को भगवान राम ने लंका के राज सिंहासन पर बैठाया। युद्ध में राम ने रावण को मारकर धर्म की स्थापना की। इस दौरान भूपेंद्र विक्रम सिंह, सोनू, कमल यादव, आदित्य शुक्ल, अरविंद द्विवेदी, दिवाकर आदि मौजूद रहे।