गौरीगंज इफ्को केंद्र पर मंगलवार को लगी किसानों की कतार। -संवाद
अमेठी सिटी। खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने से मंगलवार को वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। समितियां और इफ्को केंद्र खुलने से पहले ही किसान कतार में लग गए। बायोमीट्रिक सत्यापन धीमा होने से वितरण की रफ्तार प्रभावित रही। कई किसान घंटों इंतजार करते रहे तो कुछ बिना खाद लिए लौट गए।
सोमवार को इफ्को केंद्र पर किसान हाथ में आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात लेकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया में समय लगने से कतार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। कुछ किसान बार-बार काउंटर की ओर बढ़कर अपनी बारी के बारे में जानकारी लेते नजर आए।
केंद्र के बाहर खड़े किसान एक-दूसरे से खाद मिलने की स्थिति और अपनी बारी को लेकर चर्चा कर रहे थे। किसान जगदेव ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन काफी देर तक नंबर नहीं आया। सीताराम ने बताया कि दो बोरी खाद के लिए लगातार दूसरे दिन केंद्र के चक्कर लगाने पड़े।
माधोपुर समिति पहुंचे दिनेश कुमार ने बताया कि निजी दुकानों पर खाद आसानी से उपलब्ध नहीं है। जहां खाद मिल रही है, वहां अधिक कीमत मांगी जा रही है। विनोद कुमार और नरेंद्र कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल सकी।
जिले में 76 साधन सहकारी समितियों, चार इफ्को केंद्रों और 31 इफ्को फ्रेंचाइजी से खाद वितरित की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि अब सर्वर सामान्य रूप से काम कर रहा है। यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडार है। तकनीकी समस्या के कारण बीते दिनों केंद्रों पर भीड़ हुई थी। किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।