जायस के बहादुरपुर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र के बाहर ईटों से लगी कतार। -संवाद
जायस। सुबह के छह बजे हैं। बहादुरपुर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र का शटर बंद है लेकिन बाहर किसानों की कतार लग चुकी है। किसी के कंधे पर खाली बोरी है तो कोई आधार कार्ड हाथ में लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। केंद्र खुलने के बाद लाइन आगे बढ़ती है, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कई किसानों की बारी नहीं आती और वे खाली हाथ लौट जाते हैं। धान की फसल में यूरिया डालने के सबसे अहम समय पर रोज यही तस्वीर किसानों की बेबसी बयां कर रही है।
स्थानीय साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक वितरण प्रभावित होने से आसपास के गांवों के किसानों का पूरा दबाव बहादुरपुर इफको किसान सेवा केंद्र पर आ गया है। सुबह से ही महिला और पुरुष किसान तेज धूप और उमस के बीच कतार में खड़े रहते हैं। सीमित उपलब्धता के कारण सभी किसानों को यूरिया और डीएपी नहीं मिल पा रही है। सुबह से लाइन में लगे किसान मुरली ने बताया कि कई घंटे इंतजार के बाद भी खाद मिलने की कोई गारंटी नहीं रहती।
रामसमुझ ने कहा कि दो-तीन दिन की देरी भी धान की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। बनारसी ने बताया कि पहले समिति गए, वहां खाद नहीं मिली तो इफको केंद्र आना पड़ा। हनुमान प्रसाद ने कहा कि समय पर यूरिया नहीं मिली तो प्रति बीघा धान की पैदावार करीब दो क्विंटल तक घट सकती है।
किसानों ने सभी साधन सहकारी समितियों पर नियमित उर्वरक वितरण शुरू कराने और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिन साधन सहकारी समितियों पर वितरण प्रभावित है, वहां आपूर्ति और वितरण व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराई जाएगी।