फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News

Tue, 06 Feb 2024 01:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
विज्ञापन

22 साल बाद जोगी बनकर घर लौटे बेटे की वापसी के लिए पिता अब अपनी खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, भंडारा कराने के बाद ही जोगी बने युवक की घर वापसी होगी। इसके लिए तीन लाख 60 हजार रुपये की व्यवस्था करने में परिजन जुटे हुए हैं।

विज्ञापन


खरौली गांव के रतीपाल दिल्ली में काम करते हैं। वर्ष 2002 फरवरी में उनका बेटा पिंकू गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी उसकी तलाश नहीं की जा सकी। इसका मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। 27 जनवरी को सारांगी बजाते हुए जोगी के वेश में गांव पहुंचे युवक ने चाचा व गांव के अन्य लोगों से अपनी पहचान बताई। इसके बाद गांव वालों ने उसके पिता को मामले की जानकारी दी।

जानकारी पाकर गांव पहुंचे रतीपाल ने बेटे से मुलाकात की। उसके पेट पर चोट का निशान देख उसकी पहचान पिंकू के तौर पर हुई। परिजनों ने उसकी घर वापसी के लिए काफी प्रयास किए। लेकिन, वह पिता से मिलने के बाद गांव से मिली भिक्षा को लेकर चला गया। उसके साथ बनी गांव निवासी संतोष सिंह भी जोगी के वेश में था। बताया जाता है कि वह भी सात सात पहले गायब हुआ था। अब उसके परिजन भी उससे संपर्क करने में लगे हुए हैं। चाचा फौजदार ने बताया कि फोटो से पहचान की गई है, घर वापसी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन


रतीपाल ने बताया की 11 साल के उम्र में गायब हुए पिंकू की मुलाकात दिल्ली में किसी साधु से हो गई थी। इसके बाद वह उन लोगों के साथ संन्यासी का जीवन बिताने लगा। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह अपने घर भिक्षा लेने के लिए पहुंचा था। पिता रतीपाल ने बताया कि बेटे की घर वापसी के लिए गोरखपुर में भंडारा कराना होगा। इसमें तीन हजार साधु हिस्सा लेंगे। प्रति साधु की दक्षिणा व भोजन पर 360 रुपये के हिसाब से दस लाख 80 हजार रुपये की आवश्यकता है। बताया कि काफी मिन्नत के बाद अब तीन लाख 60 हजार रुपये देने पर बेटे की वापसी की बात पर सहमति बनी है। इस रकम के लिए पिता खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें