अमेठी सिटी। आंधी-पानी के बाद पटरी से उतरी जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था 13 दिन बाद भी पूरी तरह सुचारू नहीं हो सकी है। ऊर्जा निगम के जिम्मेदारों के तमाम दावों के बावजूद कहीं बिजली खंभों की कमी तो कहीं खराब ट्रांसफार्मर व टूटी सप्लाई लाइन के तारों की कमी इसमें अड़ंगा बनी है। इसे लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश भी बढ़ने लगा है। तिलोई, जगदीशपुर और बाजार शुकुल क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में बिजली की आपूर्ति बाधित होने के कारण उमस भरी गर्मी में 50 हजार से अधिक आबादी को कई तरह की परेशानियां उठाना पड़ रही हैं।
हालांकि अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह का कहना है कि कर्मचारियों की टीम मरम्मत के कार्य में लगी है। मंगलवार तक सभी गांव क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल करा दी जाएगी। तिलोई के पाकर गांव , पूरे महादेव , बढौना, पूरे अली , पूरे निहाल सहित 14 गांवों के लोग अभी भी बिजली आने की राह देख रहे हैं। क्षेत्रीय निवासी राजेश कुमार वर्मा, रामबरन वर्मा, बृजेंद्र सिंह व सुजीत मिश्र आदि ने बताया कि अभी भी मोहनगंज के रायबरेली मार्ग पर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
30 से अधिक गांवों में नहीं पहुंची बिजली
जगदीशपुर। थौरी पावर हाउस से जुड़े भूली नगर, सीनेत का पुरवा, छेदी अवस्थी का पुरवा, पिछूती, कोटे, नसीराबाद, शिवरतन का पुरवा , मांझा, कोनिया , पूरे घासी, ऊंचवा , पूरे शंकर वैश्य, पूरे पंचम मिश्र, पूरे चौपई मिश्र, कचनाव, नया पुरवा, टड़िया ,अलीनगर, पूरे तालेवंद समेत दर्जनों पुरवों की करीब 20 हजार आबादी बिजली आपूर्ति न होने से परेशानी झेल रही है। मामले में उपखंड अभियंता भैयालाल ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है, जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। (संवाद)
सात खंभे मिलें तो शुरू हो बिजली आपूर्ति
बाजारशुकुल। उपकेंद्र सत्थिन के विराहिम बाजगढ़ गांव में 13 दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांव के इकलाख अहमद, मंजूर और राज बहादुर ने बताया कि सप्लाई लाइन से जुड़े सात खंभे टूटे हैं, शिकायत के बाद भी इन खंभों को अब तक बदला नहीं गया है। इस कारण भीषण गर्मी में बिजली सप्लाई न होने से लोगों को पेयजल सहित अन्य दैनिक कार्यों में परेशानी उठाना पड़ रही है। (संवाद)