अमेठी सिटी। जिले में बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने से घरेलू कामकाज, पेयजल व्यवस्था और छोटे कारोबार पर असर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी चार से छह घंटे की कटौती हो रही है। रात में बिजली गुल रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित है, जबकि दिन में दुकानों, साइबर कैफे, आटा चक्की समेत अन्य कारोबार में मशीनें बंद रहने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।
जामो के छात्र आदित्य ने बताया कि रात में बिजली कटने से पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। मोबाइल और लैपटॉप चार्ज नहीं होने से ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित होती है। गौरीगंज के दुकानदार राजेश ने बताया कि बिजली न रहने पर ऑनलाइन भुगतान और कंप्यूटर से जुड़े काम रुक जाते हैं। भादर की सुनीता ने बताया कि बिजली न आने पर पानी की मोटर नहीं चलती और घर के कई जरूरी काम टल जाते हैं। जगदीशपुर के आटा चक्की संचालक महेश ने बताया कि लंबे समय तक बिजली न रहने से मशीनें बंद रहती हैं, जिससे कारोबार और रोज की कमाई प्रभावित हो रही है।
कई उपकेंद्रों से जुड़े गांव प्रभावित
गौरीगंज वितरण खंड के टिकरिया, थौरी, बहोरखा, पनियार, करपिया, बरनाटीकर, मऊ, मुसाफिरखाना और जामो उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में कटौती की शिकायत है। जगदीशपुर खंड के जगदीशपुर, इन्हौंना, वारिशगंज, दखिनवारा, शुकुल बाजार, सित्थन और महोना उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में भी आपूर्ति प्रभावित रही। तिलोई खंड के मोहनगंज, तिलोई, सेमरौता, जायस, फुरसतगंज और हतवा उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही बनी रही। अमेठी खंड के पीठीपुर, खेरौना, बेनीपुर, अमेठी, पीपरपुर, भेटुआ, एचएएल, शुकुलपुर, बड़गांव और भादर उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में भी लोग परेशान हैं।
रोस्टिंग और फॉल्ट से प्रभावित हो रही आपूर्ति
अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार ने बताया कि जल्द आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।