तिलोई में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में खड़े फरियादी। संवाद
तिलोई। कोई सात साल से अपने ही मकान का नाम दर्ज कराने के लिए भटक रहा था तो कोई तीन साल से जमीन पर कब्जा दिलाने की गुहार लगा रहा था। किसी ने बंटवारे के आदेश पर अमल न होने की शिकायत की तो किसी ने आवास और कान की मशीन की मांग रखी। शनिवार को जिले की चारों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की कतार लगी रही। भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा और अतिक्रमण के मामले सबसे अधिक रहे।
तिलोई तहसील में डीएम संजय चौहान और एसपी सरवणन टी ने शिकायतें सुनीं। जेर मस्जिद गांव के मोहम्मद शफी ने बताया कि सात वर्षों से अपने मकान का नाम दर्ज कराने के लिए नगर पालिका और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। भगीरथपुर गांव की रहमतुल ने कहा कि हदबंदी का आदेश होने के बाद भी तीन साल से जमीन पर कब्जा नहीं मिला। वह चौथी बार समाधान दिवस में पहुंचीं। उन्होंने राजस्व कर्मियों पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया।
गोकुला विराज गांव की शीला सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में खरीदी गई नौ बीघा जमीन के बंटवारे का मुकदमा निस्तारित हो चुका है, लेकिन आदेश का पालन अब तक नहीं हुआ। गौरीगंज में सीडीओ पूजा साहू, अमेठी में एडीएम ज्योति सिंह और मुसाफिरखाना में एडीएम न्यायिक अमृत सिंह ने शिकायतें सुनीं। तिलोई में 67 में से आठ, गौरीगंज में 58 में से पांच, अमेठी में 24 में से एक और मुसाफिरखाना में 17 में से तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। बाकी मामलों की जांच के निर्देश दिए गए।
जलनिकासी बंद होने की शिकायत
अमेठी सिटी। गौरीगंज में सीडीओ पूजा साहू के सामने केशवपुर की अंजू ने आवास दिलाने की मांग की। भोएं गांव की फूलमती, कुसमा और सुशीला ने जलनिकासी बंद होने से घर में पानी भरने की शिकायत की। चौबेपुर के रामसुंदर यादव ने धान की रोपाई में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया। बरनाटीकर के मेवालाल जायसवाल ने तीन बार आवेदन देने के बाद भी कान की मशीन नहीं मिलने की पीड़ा बताई।