अमेठी कस्बे में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
अमेठी। कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन प्रवाचक पूजा शास्त्री ने श्रद्धालुओं को जीवन में संयम, संतोष और सद्भाव बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य की सोच ही उसके जीवन की दिशा तय करती है। सकारात्मक सोच और अच्छे कर्म से कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रवाचक ने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। अपने व्यवहार में विनम्रता रखना, किसी के प्रति द्वेष न रखना और जरूरतमंद की सहायता करना भी भक्ति का ही स्वरूप है। मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है, इसलिए हमेशा नेक कार्य करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा व्यक्ति को स्वयं के भीतर झांकने और अपनी कमियों को दूर करने की प्रेरणा देती है। जीवन में सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन ईश्वर पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति परिस्थितियों से घबराता नहीं है। इस मौके पर अंबरीश कुमार कसौधन, महेश सोनी, जगदीश कुमार कसौधन और आशीष कुमार कसौधन आदि मौजूद रहे।