गौरीगंज (अमेठी)। पंचायतों के विकास के लिए केंद्रीय वित्त आयोग से जारी होने वाली राशि के व्यय में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने योजनावार खाता खुलवाने का निर्देश दिया था। शासन ने खाता खुलवाने के बाद उसकी फीडिंग पीएफएमएस पोर्टल पर अविलंब कराने को भी कहा था। प्रमुख सचिव के निर्देश पर डीपीआरओ ने मंगलवार देर शाम तक 97.50 फीसदी ग्राम पंचायतों का खाता पोर्टल पर अपलोड कराकर जिले का नाम प्रदेश की रैंकिंग सूची में पहले स्थान पर दर्ज करा दिया।
पंचायतों के विकास के लिए शासन की ओर से मिलने वाली राशि के व्यय में होने वाली धांधली को रोकने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में पूरे जिले में भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा चुका है। अब जिले की किसी भी ग्राम व क्षेत्र पंचायतों में चेक के माध्यम से भुगतान नहीं हो रहा है। नये वित्तीय वर्ष में लागू 15वां/केंद्रीय वित्त आयोग में आने वाली राशि के व्यय में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने योजनावार खाता खुलवाने का निर्देश दिया था।
प्रमुख सचिव ने डीपीआरओ को खाता खुलवाते हुए सभी खातों की फीडिंग पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस पोर्टल) पर कराने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देश पर डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने एडीओ पंचायतों के माध्यम से योजनावार खाता खुलवाने के बाद उनकी फीडिंग पोर्टल पर कराने का निर्देश दिया। मंगलवार तक विभाग जिले के 97.50 फीसदी खातों की फीडिंग कराकर प्रदेश की रैंकिंग सूची में पहले स्थान पर अपना नाम दर्ज करा लिया। डीपीआरओ ने बताया कि फीडिंग के बाद वित्तीय वर्ष 2020-21 की प्रथम किस्त अवमुक्त होगी। कहा कि शेष खाते भी बहुत जल्द फीड करा दिए जाएंगे।
राशि से होगा यह काम
जिला परियोजना प्रबंधक सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि केंद्रीय वित्त आयोग के खाते से पंचायतों की कार्ययोजना में शामिल पक्के व परिसंपत्तियों के मरम्मत का कार्य कराया जाता है। कहा कि अब योजनावार राशि खाते में आने से जहां धांधली पर अंकुश लगेगा वहीं आय-व्यय का लेखाजोखा रखने में सहूलियत मिलेगी।