अमेठी सिटी। गांव में तालाब तो बना दिए गए हैं, लेकिन उसमें पानी नहीं है। बहुत कम तालाबों में पानी पाया गया। ऐसे में गांव में प्रॉपर ड्रेनेज सिस्टम बनाने की जरूरत है। घरों से निकलने वाली नालियों का पानी भी तालाब में जाना चाहिए। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रयास करना होगा। ये बातें जिलाधिकारी निशा अनंत ने ओडीएफ प्लस कार्यशाला में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को संबोधित करते हुए कहीं।
डीएम ने कहा कि जिले में 20 जुलाई से पहले 46 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है, सभी मिल कर प्रयास करें। वहीं संग्रामपुर के एडीओ पंचायत व जलौटा गांव के सचिव के गैरहाजिर रहने पर डीएम ने वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान व स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की ओर से ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाए जाने हैं। कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को विकास भवन के समीप जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में हुआ। डीपीआरओ मनोज कुमार त्यागी ने बताया कि जिले के 271 ग्राम पंचायत या 471 राजस्व गांवों का चयन ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के लिए किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष, 2024-25 में मॉडल गांव बनाने का लक्ष्य है। सीडीओ सूरज पटेल ने कहा कि गांव में नाली व गोबर प्रबंधन के लिए कार्य योजना बनाकर कार्य करें। पंचायतीराज विभाग के राज्य सलाहकार सुशील पांडेय ने कहा कि पानी सीमित मात्रा में है, इसलिए गांव में शॉक पिट बनाएं, जिससे वाटर रीचार्ज किया जा सके। इस मौके पर जिला सलाहकार रुद्र प्रताप सिंह, नीलम सिंह, हर्ष द्विवेदी, सूर्य प्रताप सिंह, पंकज मोहन मिश्र आदि मौजूद रहे।