गौरीगंज के टिकरिया में लगे पोस्टर को फाड़ते सपा कार्यकर्ता। स्रोत: पार्टी
अमेठी सिटी। सपा मुखिया अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाले आपत्तिजनक पोस्टर लगने से सियासत गरमा गई है। सपा नेता इसे सत्ता पक्ष के इशारे पर की गई साजिश बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे किसी व्यक्ति की ओर से उठाया गया सवाल बता रही है।
विवादित पोस्टर को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक ओर अखिलेश यादव को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाते हुए मुजफ्फरनगर व शामली दंगों से जुड़ी खबरों की कटिंग लगाई गई है। योगी आदित्यनाथ को धुरंधर मुख्यमंत्री बताते हुए उनकी कन्या पूजन की तस्वीर के साथ अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं पर हुई कार्रवाई का जिक्र किया गया है। बुधवार को जिला मुख्यालय गौरीगंज में लगे पोस्टरों को सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया और विरोध जताया।
सद्भाव बिगाड़ने की साजिश : सपा
सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि सरकार के इशारे पर यह सब कराया जा रहा है। समाज में सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव पीडीए के प्रमुख नेता हैं और उनके खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसी ने पूछा सवाल : भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि विवादित पोस्टर के बारे में उन्हें भी जानकारी मिली है। हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सवाल पूछने का अधिकार है। यह किसी व्यक्ति की अभिव्यक्ति हो सकती है। कहा कि विपक्ष हताश और निराश होकर मुद्दा बना रहा है।