जायस। रानी हरबंशगंज गांव में नवविवाहिता अंकिता को घर में अकेला पाकर बंधक बनाने, पिटाई करने और लाखों रुपये के जेवर लूटने की वारदात में शामिल तीसरे आरोपी तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है। घटना के करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच पर सवाल उठने लगे हैं।
मंगलवार को दिनदहाड़े हुई इस वारदात में आरोप है कि पड़ोसी दुर्गेश, अरमान और इमरान ने घर में अकेली मौजूद अंकिता को बंधक बना लिया। विरोध करने पर पिटाई की गई और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। इसके बाद आरोपी करीब सात लाख रुपये के जेवर और 10 हजार रुपये लेकर चले गए। घटना के समय परिजन घर पर नहीं थे।
लौटने पर उन्होंने अंकिता को अचेत अवस्था में पाया। होश आने पर उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बुधवार को दुर्गेश और अरमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन तीसरे आरोपी इमरान की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
इस बारे में एसओ अमरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़िता के पति आकाश का कहना है कि घटना के बाद से अंकिता 000 सदमे में है। गला दबाए जाने के कारण उसे खाने-पीने में भी परेशानी हो रही है।
परिवार का कहना है कि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी तक उन्हें सुरक्षा का अहसास नहीं हो रहा है।