अमेठी सिटी। गौरीगंज के तेजी का पुरवा में बुधवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे से करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश आर्थिक संकट की आशंका से जूझ रहा है, जबकि प्रधानमंत्री विदेश में रील बनवाने और टॉफी खिलाने में व्यस्त हैं।
उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को पेट्रोल बचाने और खर्च कम करने की सलाह दी जा रही है लेकिन पीएम खुद महंगे विदेशी दौरों व्यस्त हैं। इस टिप्पणी पर पंडाल में ठहाके और तालियां गूंज उठीं।
इसके बाद राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रही, छोटे कारोबार कमजोर हो रहे हैं और फैक्टरियां बंदी की ओर बढ़ रही हैं। हार्मूज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि तेल आपूर्ति प्रभावित होने से देश के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
नोटबंदी और लॉकडाउन पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इन फैसलों ने किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की कीमत आम जनता ने चुकाई।
कहा कि गलत जीएसटी व्यवस्था ने व्यापार जगत को और कमजोर किया। लोकतांत्रिक संस्थाओं का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले वर्षों में संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश हुई है। विश्वविद्यालयों, चुनाव व्यवस्था और संस्थाओं पर दबाव बढ़ाने के आरोप भी उन्होंने लगाए। अंत में राहुल गांधी ने अमेठी से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं का आभार जताया और संगठन को मजबूत बनाने का संदेश दिया। उनके मंच से उतरने तक पूरा पंडाल नारों से गूंजता रहा।
युवा, किसान और मजदूर ही बदलेंगे हालात
राहुल गांधी ने कहा कि देश को संकट से बाहर निकालने की ताकत युवा, किसान और मजदूरों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों का फायदा चुनिंदा उद्योगपतियों तक सीमित हो गया है, जबकि आम लोग महंगाई और बेरोजगारी का बोझ उठा रहे हैं।
सांसद बोले-मैं माफी नहीं मांगूंगा
आरएसएस पर निशाना साधते हुए रायबरेली सांसद राहुल गांधी ने कहा कि सवाल उठाने पर उनसे माफी मांगने को कहा जाता है लेकिन वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई में वह डरने वाले नहीं हैं।