जगदीशपुर (अमेठी)। गोमती नदी में चार स्थानों पर एक बार फिर लोगों को पीपे के पुल से आवागमन की सुविधा मिलेगी। पुल के निर्माण से अयोध्या, बाराबंकी व सुल्तानपुर सहित अमेठी के कई स्थानों के आवागमन में दूरी में कमी आएगी। जिन किसानों के खेत नदी के पार हैं, उन्हें काफी सहूलियत होगी।
बीती 20 जून को नदी में पानी का बहाव अधिक होने पर पीपे के पुल को खोल दिया गया था। उसके बाद लोगों को आवागमन के लिए मोटर बोट की सुविधा दी गई थी। बारिश बंद होने के बाद दोबारा पुल के निर्माण के लिए विभाग की मांग पर शासन ने 96 लाख रुपये जारी किए हैं। इसमेें दंडेश्वरनाथ धाम घाट के लिए 25.50 लाख रुपये, नांदी घाट के लिए 24 लाख, मांझगांव के लिए 21.50 रुपये, रंगवा घाट के लिए 25 लाख रुपये मिले हैं। धनराशि मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग निविदा के माध्यम से ठेकेदार का चयन कर प्रस्तावित कार्य पूरा करने की कोशिश में जुटा है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा।
इन मार्गों को जोड़ेगा पुल
बाजारशुकुल से बाराबंकी जिले को जोड़ने वाले पनही मार्ग, बाजारशुकुल से अयोध्या को जोड़ने वाले नांदी मार्ग व जगदीशपुर से अयोध्या को जोड़ने वाले पिछूती मार्ग के बीच मेें पड़ने वाली नदी पर पीपे का पुल बन जाने से कई जिलों की दूरी कम हो जाएगी। लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
किसानों को मिलेगी सुविधा
गोमती नदी पर पीपे का पुल बनने से सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य जमीन पर हरियाली दिखाई देगी। गांवों में कई किसानों की भूमि नदी के उस पार है। इन किसानों को खेतीबाड़ी के लिए 10 से 12 किमी. की दूरी तय करनी पड़ती है। पीपे का पुल बन जाने किसानों को जोताई-बोआई में आसानी होगी।
जल्द पूरा कराया जाएगा निर्माण कार्य
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि गोमती नदी पर चार स्थानों पर पीपे के पुल के निर्माण के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। निविदा प्रकाशित कर ठेकेदार की चयन प्रक्रिया चल रही है। रंगवा घाट पर पुल के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। उसके बाद दंडेश्वरनाथ धाम, नादी और पनही का काम पूरा कराया जाएगा।