जगदीशपुर (अमेठी)। मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के कई गांवों से होकर गुजरने वाली गोमती नदी के तटों को जोड़ने वाले चार मार्गों पर बने पीपे के पुल से आवागमन की सुविधा जुलाई से अक्तूबर तक बंद रहेगी। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलों को खोल दिया जाएगा। इस दौरान दो पहिया व पैदल यात्रियों को मोटर बोट से नदी पार कराया जाएगा।
वर्ष 2022 में मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के पिछूती मटियारीकला मार्ग पर रंगवा घाट, पन्ही ग्राम पंचायत के मांझ गांव स्थित कामाख्या मंदिर सेतु, नादी सेतु, और कोछित स्थित दंडेश्वर नाथ धाम प्लाटून सेतु का निर्माण लोक निर्माण से करवाया गया है। गोमती नदी पर पीपा पुल का निर्माण होने से अयोध्या, बाराबंकी व सुल्तानपुर से अमेठी समेत के विभिन्न हिस्सों की दूरी में कमी आने के साथ दूसरी छोर पर स्थित खेत में फसल का उत्पादन करने में किसानों का सुविधा मिल रही है।
जुलाई में बरसात होने से गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना व लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग निर्मित पुल को जून के आखिरी सप्ताह में खोलवाने जा रहा है।
बारिश समाप्त होने के बाद प्लाटून सेतु निर्माण मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग 96 लाख खर्च करेगा। दंडेश्वर नाथ धाम में 25.50, नादी में 24 लाख, मांझगांव में 21.50, रंगवा घाट पर 25 लाख रुपए से काम पूरा करवाने के लिए अभी से ठेकेदार के चयन की कवायद करने में लोक निर्माण जुटा है।
इनसेट
पहली बार मिलेगी मोटर बोट की सुविधा
बारिश के दिनों में तीन माह के लिए प्लाटून पुल के खोले जाने के दौरान राहगीरों को घूमकर पुराने रास्ते से होकर आना-जाना पड़ता था। इस बार व्यवस्था में बदलाव हुआ है। पैदल और दो पहिया यात्रियों को मोटर बोट से नदी पार करने की सुविधा दी जाएगी।
तीन माह के लिए खोला जाता है पुल
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि 15 जून तक तीन माह के लिए बारिश के दिनों में पुल के खोले जाने का नियम है। जन प्रतिनिधियों के आग्रह और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अभी पुल को खोला नही गया है। बारिश के शुरू होते ही महीने के अंत तक इसे खोल दिया जाएगा। तीन महीने बाद सितंबर में पीपा पुल तैयार कर पुन: संचालित किया जाएगा। मोटर बोट की मदद से यात्रियों को नदी पार कराया जाएगा।