अमेठी। जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला कोषागार में रविवार को पेंशनर्स डे पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें कोषाधिकारी के अलावा अन्य किसी विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। जिससे पेंशनर्स दिवस में आए सेवानिवृत्त पेंशन कर्मियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार परिसर में पेंशनर्स डे पर सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ददन सिंह व मंत्री विद्याशंकर द्विवेदी के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले के सभी विभागों के मुखिया को कार्यक्रम में उपस्थित रहने के संबंध में डीएम की ओर से पत्र जारी किया गया था। इसके बावजूद आयोजन में कोषाधिकारी को छोड़कर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि वन विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, नलकूप एवं कलेक्ट्रेट से कर्मी पहुंचे थे।
समस्याओं की निस्तारण के आस में आए सेवानिवृत्त कर्मियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। दिवस में पहुंचे वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन लिया। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर आश्वासन दिया और उनकी बात डीएम और अन्य विभागों तक पहुंचाने की बात कही।
दिवस में इन सेवानिवृत्त कर्मियों ने उठाई मांग
- सेवानिवृत्त वरिष्ठ विपणन निरीक्षक ददन सिंह चिकित्सा प्रतिपूर्ति की समस्या को लेकर परेशान दिखे। होमियोपैथिक विभाग से सेवा निवृत्त फार्मासिस्ट अशोक कुमार शुक्ल ने बताया कि त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के फलस्वरूप सेवा निवृत्त के बाद 2,63,783 रुपये की वसूली के संबंध में वे लगातार पत्राचार कर रहे हैं लेकिन, सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं, राम प्रताप, राम अजाेर मिश्र, राधिका प्रसाद आदि अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें निराशा मिली। पेंशनर्स एसोसिएशन के मंत्री विद्या शंकर द्विवेदी ने बताया कि सेवानिवृत कर्मचारी व अधिकारी अपने भुगतान को पाने के लिए परेशान होते हैं।
स्वयं कर्मचारी को भेजकर सत्यापन कराऊंगा
वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सेवानिवृत्त होने पर संबंधित विभागों में लंबित फाइलों के संबंध में पत्र भेजा जाएगा। बताया कि सेवानिवृत्त कर्मियों को बताया कि है कि वह जीवित प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन कर सकते हैं या कोषागार में आकर दे सकते हैंं। यदि कोई सेवानिवृत्त कर्मी बीमार है या चल उठ नहीं सकता तो वह हमें जानकारी दें। मैं स्वयं व कर्मचारियों को भेजकर उसका सत्यापन कराऊंगा, उन्हें परेशानी नहीं उठानी पडेगी। उन्होंने बताया कि चार सौ से अधिक लोगों के चयन मान वेतन लगा दिए गए हैं। कहा कि तदर्थ सेवाओं से जोड़ने का मामला शासन स्तर का है।