अमेठी सिटी। गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीजों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज पेट की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने सभी से लगातार तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
तापमान बढ़ने के साथ जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। लोग पेट की समस्या से जूझने लगे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 855 रही। इनमें पेट के 62, लूजमोसन के 69 तथा डिहाईड्रेसन के 18 मरीज शामिल रहे। इसके अतिरिक्त 319 बुखार पीड़ित तो खांसी के 70, ठंड लगने के 68 तथा जुखाम से पीड़ित 70 मरीज शामिल रहे। इमरजेंसी में हर रोज उल्टी, दस्त, बुखार, पेट दर्द की शिकायत लेकर 15 से 20 लोग पहुंच रहे हैं।
अधिकांश को कुछ देर तक दवा, इलाज के बाद छोड़ दिया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे संभुई गांव की निर्मला को लेकर परिजन पहुंचे। उन्हें उल्टी व पेट में जलन की समस्या थी।
कटरालालगंज मोहल्ला निवासी रामफेर पाल को दस्त व कंपकंपी हो रही थी। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। सुबह 12.20 बजे रामदीन का पुरवा निवासी फूलमता परिजन पहुंचे, उन्हें दस्त, पेट में दर्द की शिकायत थी। परिजनों ने बताया कि धूप से दो दिन से उल्टी-दस्त से परेशानी हैं। अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से परेशानी होने लगी है। उनकी ओपीडी में हर दिन 40-50 मरीज ऐसे ही आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में डिहाइड्रेशन की वजह से हाथ-पैर में ऐंठन व दर्द की परेशानी है। यह स्थिति पिछले एक सप्ताह से बनी है।
बताया कि गर्मी आते ही अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। बताया कि घर से खाली पेट न निकलें। धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें। अधिक तली-भुनी चीजों का प्रयोग न करें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाए, इसलिए कुछ देर में तरल पदार्थ जरूर लेते रहें।
गर्मी में बढ़ती है परेशानी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ अमित यादव ने बताया कि धूप तेज होने लोगों को परेशानी होती है। गर्मी में पसीना निकलता है और पानी की कमी हो जाती है। पाचन शक्ति भी कम हो जाती है। इस मौसम में खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही पानी अधिक सेवन करना चाहिए।
इस तरह से करें बचाव
पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
समय-समय पर ओआरएस का घोल पीते रहें।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बाहर का खाना खाने से बचें।
गरिष्ठ भोजन न करें।
तरल पेय पदार्थों का खूब सेवन करें।
धूप में बाहर निकलते समय टोपी, आदि से सिर कवर कर निकलें।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
जी मिचलाना
उल्टी दस्त होना
चक्कर आना
चिड़चिड़ापन महसूस होना
सिर दर्द
पेट में मरोड़ उठना
मुंह सूखना।
धूप से बचें, सजग रहें
अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में सभी को सजग रहने की जरूरत है। धूप से बचें। दिक्कत होने पर डॉक्टर के पास जाएं और दवा लें। अस्पताल में इलाज व दवा की सुविधा है।
डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल- सीएमएस