गौरीगंज (अमेठी)। जिले में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को अब रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं होगी। शासन ने जिले को प्रतिदिन 60 वायल्स इंजेक्शन का कोटा निर्धारित कर दिया है। निजी चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को भी डॉक्टर के पर्चे के आधार पर 1800 रुपये शुल्क अदा कर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
शासन ने कोरोना संक्रमण से ग्रसित गंभीर ऐसे सभी मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन मुहैया कराने की व्यवस्था बनाई है। जिले को प्रतिदिन 60 वायल्स का कोटा निर्धारित कर दिया गया है। निर्धारित कोटे के हिसाब से मिल रहे इंजेक्शन में से 20 फीसदी आकस्मिकता के लिए सरकारी अस्पतालों पर रिजर्व रखा जाएगा। 80 फीसदी वायल्स में से आवश्यकतानुसार सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के साथ ही निजी चिकित्सालयों में भर्ती ऐसे मरीजों की जीवन रक्षा के लिए सीधे मरीज के परिजन को डॉक्टर के पर्चें के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए मरीज के परिजनों को प्रति वायल्स 1800 रुपये की राशि जिला रेडक्रॉस के खाते में जमा करानी होगी। इसकी रसीद उन्हें दी जाएगी। माह के अंत में इस राशि का 75 फीसदी उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन को वायल्स लेते समय डॉक्टर के पर्चें के साथ मरीज का आधार कार्ड व वाटर आईडी कार्ड दिखाना होगा। एक मरीज को अधिकतम छह वायल्स दिए जाएंगे जो एक बार में सिर्फ तीन वायल्स ही दिया जाएगा। इंजेक्शन देने से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीज उक्त अस्पताल में भर्ती है या नहीं। इसका पूरा ब्यौरा भी स्वास्थ्य विभाग अपने पास रखेगा। शासन की ओर से इसकी ऑडिट कराने की व्यवस्था बनाई गई है।
नहीं है रेमडेसिविर की कमी
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। शासन की ओर से प्रतिदिन का कोटा निर्धारित कर दिया गया है। कहा कि वर्तमान में 60 वायल्स स्टॉक में मौजूद है।