गौरीगंज/मुसाफिरखाना (अमेठी)। नेवादा स्थित वृहद गोआश्रय केेंद्र संचालन में बरती गई खामियों पर डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचीं सीडीओ ने लापरवाही मिलने पर पंचायत सचिव को निलंबित, एडीओ पंचायत के निलंबन की संस्तुति तथा बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी। संचालन में बाधा पहुंचाने वालों को चिह्नित कर केस दर्ज कराने का निर्देश एसडीएम व सीओ को दिया। सीडीओ की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है।
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए संचालित वृहद गोआश्रय केेंद्र नेवादा में कई दिनों से मृत पड़े गोवंशों तथा अव्यवस्थाओं की खबर मंगलवार को प्रकाशित होने के बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को डीडीओ प्रदीप पांडेय की अगुवाई में टीम जांच करने पहुंची तो दो पक्षों के आपस में भिड़ जाने से जांच पूरी नहीं हो सकी। इतना ही नहीं मंगलवार रात भूसा आने पर उसे केंद्र पर उतारने न देने की शिकायत भी बुधवार को सार्वजनिक हुई।
डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर बुधवार को अफसरों के साथ मौके पर पहुंच गईं। निरीक्षण के दौरान आश्रय केंद्र पर गंदगी के साथ कई गोवंश बीमार मिले तो स्टॉक मेें भूसा भी मात्र एक-दो का ही मिला। आश्रय केंद्र पर अव्यवस्थाओं का अंबार मिलने से नाराज सीडीओ ने कर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
सीडीओ के निर्देश पर पहुंचे पशु चिकित्सक बीमार पशुओं के उपचार में जुट गए तो सफाई कर्मियों की टीम परिसर को साफ करने लगी। वापस कार्यालय पहुंचकर सीडीओ ने पंचायत सचिव नारेंद्र कुमार को निलंबित कर एडीओ पंचायत अरविंद प्रकाश के निलंबन की संस्तुति करते हुए बीडीओ हरिकृष्ण मिश्र को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी।
सीडीओ ने रात में भूसा न उतारने देने व आश्रय केंद्र संचालन में बाधा करने वालों को चिह्नित कर एसडीएम व सीओ को केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। सीडीओ की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है। निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ श्रेया मिश्र, एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी, सीओ मनोज कुमार यादव व बीडीओ डॉ. हरिकृष्ण मिश्र समेत सभी जिम्मेदार कर्मी मौजूद रहे।