जगदीशपुर (अमेठी)। पालपुर गांव के लिए रविवार का दिन अशुभ रहा। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे दिन चीख-पुकार मची रही। घटना से हर कोई दुखी है।
पालपुर गांव निवासी राम किशोर कौशल का शुक्रवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव गडरियाडीह में किया गया। रविवार सुबह करीब सात बजे रामकिशोर के बेटे चंद्रमा कौशल, चंद्रकुमार कौशल, चंद्र प्रकाश और नाती विधिचंद्र कौशल, बालचंद्र कौशल, धरमचंद्र कौशल के साथ अस्थि विसर्जन के लिए रायबरेली के डलमऊ गए थे। वहां अस्थि विसर्जन के दौरान बालचंद कौशल, उनके बेटे आर्यांस, चाचा चंद्रकुमार कौशल की डूबने से मौत हो गई।
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हादसे की सूचना जब पालपुर पहुंची तो गांव में कोहराम मच गया। परिवार के अन्य पुरुष तत्काल रायबरेली के लिए रवाना हो गए और घरों में मौजूद महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं।
बिलखती रही मां, हर आंख हुई नम
पालपुर गांव में जैसे ही पिता बालचंद कौशल और बेटे आर्यांस की मौत की खबर पहुंची, मातमी सन्नाटा छा गया। घर पर मौजूद पत्नी सीमा कौशल का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बेसुध होकर बार-बार यही कहती रहीं कि हे भगवान! मेरे घर को क्यों उजाड़ दिया। सीमा की करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। बेटी रागिनी (18) और मिनी भी बार-बार पिता और भाई को पुकारती रहीं। उनका विलाप सुनकर हर दिल पसीज उठा। चाचा चंद्रकुमार कौशल की मौत की खबर सुनते ही पत्नी विजय लक्ष्मी कौशल बेसुध हो गईं। उनके बेटे अरुण, बहू रोशनी और पौत्र चेतन का रो रोकर बुरा हाल है।
एक साथ घर पहुंचे पिता, पुत्र और चाचा के शव तो मचा कोहराम
रविवार शाम करीब 7:30 बजे जैसे ही पिता, पुत्र और चाचा के शव एक साथ घर पहुंचे, कोहराम मच गया। हर ओर चीख-पुकार मच गई। चार दिन के भीतर परिवार की चार पीढ़ियां समाप्त हो गईं। घटना की सूचना पर विधायक सुरेश पासी, ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह, तहसीलदार राहुल सिंह भी मौके पर पहुंचे। तीनों शवों का अंतिम संस्कार सोमवार को गडरियाडीह में किया जाएगा।