गौरीगंज (अमेठी)। मतदान बहिष्कार की चेतावनी पर स्वीकृत बेहटा संपर्क मार्ग का निर्माझा मानक विहीन हो रहा है। बिना गड्ढा सही किए सड़क नवीनीकरण से ग्रामीणों में आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क निर्माण बंद कराते हुए कार्य की जांच कराने की मांग की है।
टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर माधवपुर से निकलकर बेहटा तक जाने वाला संपर्क मार्ग (1.9 किमी लंबा) जर्जर हो चुका है। मार्ग जर्जर होने के बाद ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के पहले मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बाद जन-प्रतिनिधियों की पहल पर मार्ग के पुर्ननिर्माण को लोक निर्माण विभाग से प्रस्तावित किया। 19 सौ मीटर लंबे मार्ग के नवीनीकरण के लिए 14 लाख 21 हजार रुपये अवमुक्त हुए हैं।
धनराशि अवमुक्त होने के बाद विभाग ने निविदा के माध्यम से ठेकेदार का चयन किया। ठेकेदार की ओर से शुक्रवार को मार्ग के नवीनीकरण का काम शुरू हुआ। शुरू हुए काम को देखने के लिए ग्रामीण सड़क पर पहुंचे तो वहां काम मानक विहीन होता मिला। मानक विहीन काम देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आक्रोशित शिवशंकर तिवारी, पित्तर प्रसाद तिवारी, श्रीराम शुक्ल व ऋषभ मिश्र समेत अन्य ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर बिना गड्ढ़ों में गिट्टी भरे मानक विहीन पैचिंग कार्य किया जा रहा है। ऐसे में सड़क के नवीनीकरण का कोई औचित्य नहीं है। इसके अच्छा तो मार्ग का नवीनकरण ही नहीं हो। यह कहते हुए ग्रामीणों ने मार्ग नवीनीकरण कार्य को बंद करवा दिया।
ग्रामीणों द्वारा मानक विहीन सड़क निर्माण का काम बंद कराने के 24 घंटे बाद भी लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार न तो मौके पर पहुंचे न जांच करने की जहमत ही उठाई। विभाग की यह कार्यशैली भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित कर रही है। गौरतलब होगा कि अभी दो दिन पूर्व जगदीशपुर ब्लॉक क्षेत्र में भी ऐसी ही एक सड़क का मामला सामने आया था। पीएमजीएसवाई से निर्माणाधीन 8.300 किमी लंबे मद्दुपुर-उमरवल मार्ग के मानक विहीन निर्माण होने का मामला शांत नहीं हुआ कि सामने आए दूसरे मामले ने विभाग के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
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सीडीओ को मिली जांच की जिम्मेदारी जगदीशपुर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मणाधीन मलावा-मद्दूपुर उतरवल सड़क में मानकों की अनदेखी सामने आने के बाद डीएम राकेश कुमार मिश्र ने पूरे प्रकरण की जांच सीडीओ सान्या छाबड़ा को दी है। डीएम ने सीडीओ से कहा है कि मामले की जांच तीन दिन के अंदर पूरी कर उन्हें रिपोर्ट दी जाए।