अमेठी। जुलाई का आधा महीना बीतने के बावजूद जिले में अच्छी बारिश नहीं होने से उमस भरी गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश नहीं हुई। उमस के कारण लोगों को दिन के साथ रात में भी राहत नहीं मिल रही है। इसका असर खेती, कारोबार और स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है।
सुबह से आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलते ही उमस बढ़ गई। बाजारों में दोपहर के समय ग्राहकों की आवाजाही कम रही। घरों में कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम रहे। रात में भी गर्मी बनी रहने से लोगों की नींद और दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
बारिश नहीं होने का सबसे अधिक असर कृषि पर पड़ रहा है। धान की रोपाई वाले खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसानों को सिंचाई करानी पड़ रही है, जिससे लागत बढ़ रही है। जिन किसानों की रोपाई अभी बाकी है, वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
गौरीगंज निवासी तरुण कुमार ने बताया कि उमस के कारण रात में ठीक से नींद नहीं आती और दिनभर बेचैनी बनी रहती है। किसान रामअवध यादव ने कहा कि खेतों में नमी बनाए रखने के लिए बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। गौरीगंज के व्यापारी मुकेश गुप्ता के अनुसार दोपहर में ग्राहक कम निकल रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
जिला अस्पताल में भी गर्मी और उमस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीज बढ़ रहे हैं। सुनीता देवी ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है तथा सिरदर्द, थकान और बेचैनी जैसी शिकायतें बढ़ी हैं।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि फिलहाल जिले में व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं। अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन अच्छी वर्षा की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को उमस और गर्मी से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।