इमरजेंसी में डॉक्टर इलाज करते हुए।
अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में 19 दिन बाद शनिवार से ओपीडी शुरू हुई। ओपीडी में पहले दिन 229 मरीज देखे गए। ऑपरेशन के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे मरीज ने ओपीडी संचालित होने से राहत की सांस ली। अस्पताल के अंदर पैथोलॉजी समेत अन्य विभागों में जांच के लिए मरीजों की भीड़ दिखाई पड़ी।
कोतवाली क्षेत्र मुसाफिरखाना के राम शाहपुर निवासी दिव्या शुक्ला की मौत की मामले में 18 सितंबर से मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का संचालन बंद था। अस्पताल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में सीएमओ के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने 4 सितंबर को अस्पताल के पक्ष में आदेश दिया। शुक्रवार को आदेश की कॉपी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ कार्यालय में रिसीव कराई तो ओपीडी व अन्य सेवाओं के संचालन की अनुमति मिली। शुक्रवार की देरशाम इमरजेंसी सेवा शुरू हुई।
वहीं, 19 दिन बाद शनिवार को संजय गांधी अस्पताल में ओपीडी सेवा सुबह नौ बजे से संचालित हुई। निर्धारित समय पर ओपीडी में पहुंचे डाॅ. सिद्धार्थ अजय, डॉ. चेतन तिवारी, डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. मोहम्मद रजा, डॉ. मीना शर्मा, डॉ. अविनाश रस्तोगी, डॉ. संजय सिंह आदि चिकित्सा के मरीजों को देखते नजर आए। अस्पताल की पैथालॉजी, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों की औसतन की अपेक्षा ठीक-ठाक भीड़ दिखी। हालांकि ओपीडी समेत अन्य सेवाओं के बहाल होने से ऑपरेशन व गंभीर इलाज कर रहे मरीज ने राहत की सांस ली है।
आंकड़ों में एक नजर
संजय गांधी अस्पताल में शनिवार को पहले दिन चली ओपीडी में कुल 229 मरीज देखे गए। शाम 5:00 बजे तक 7 मरीज का इमरजेंसी में उपचार किया गया। पैथोलॉजी में 64 मरीजों की ब्लड जांच की गई। 35 मरीज का अल्ट्रासाउंड एवं दो मरीजों का सीटी स्कैन किया गया। वहीं, स्त्रीरोग विभाग में 22 महिला मरीज व शिशु एवं बाल विभाग में 14 मरीज देखे गए।
संजय गांधी अस्पताल के सीओओ अवधेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन ओपीडी में कुल 229 मरीज देखे गए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन थिएटर के साथ ही अन्य तैयारियां की गई है।