गौरीगंज (अमेठी)। जिले के नलकूप विभाग में कर्मियों का अभाव है। आलम यह है कि मौजूदा समय संचालन की स्थिति में बचे 344 राजकीय नलकूपों को संचालित करने के लिए विभाग के पास महज 132 नलकूप चालक हैं। इसके चलते अधिकांश नलकूपों का संचालन संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान अथवा वहीं के ग्रामीण करवा रहे हैं। धान की रोपाई नजदीक है। ऐसे में नलकूपों पर कर्मियों का अभाव होने से किसानों के लिए सिंचाई का बड़ा संकट आने वाले समय में सामने आ सकता है।
नलकूप विभाग में पिछले कई वर्षों से कर्मियों की नई नियुक्ति नहीं हुई है। प्रतिमाह एक दो कर्मी सेवानिवृत्त होते जा रहे है। नलकूप विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में मौजूदा समय संचालन की स्थिति में बचे 344 राजकीय नलकूप के सापेक्ष महज 132 नलकूप चालक ही विभाग के पास बचे हुए हैं। बचे नलकूप चालकों के पास तीन से चार नलकूपों का प्रभार है। कर्मियों के कमी के चलते नलकूप संचालन में विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
वहीं किसानों के लिए भी सिंचाई के लिए संकट है। विभागीय लोगों के अनुसार किसानों की फसलों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए संबंधित गांव के प्रधान व ग्रामीणों से समन्वय स्थापित कर किसी तरह से नलकूप का संचालन कराया जा रहा है। नलकूप चालकों का भारी अभाव होने के नाते विभाग के सामने बड़ी समस्या है।
जिले में 434 राजकीय नलकूपों को स्थापित किया गया था। जिनमें से 344 नलकूप ही सक्रिय स्थिति में हैं। खराब पड़े 37 राजकीय नलकूपों को सही कराए जाने के लिए विभाग ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है। 53 नलकूप जर्जर होकर निष्प्रयोज्य हो गए हैं। उनके नए निर्माण के लिए अभी तक कोई आदेश व बजट विभाग को नहीं मिला है।
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1,25,328 हेक्टेयर में गेहूं व 1,18,349 हेक्टेयर में धान की खेती की गई थी। ऐसे में फसलों की सिंचाई समय पर न हो पाने से उत्पाद में भी कमी का दंश किसानों को झेलना पड़ा। जिसमें किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या राजकीय नलकूपों से समय पर पानी न मिल पाना भी शामिल है।
अधिशाषी अभियंता जय प्रकाश ने बताया कि जिले में 344 राजकीय नलकूप सक्रिय हैं। जिनसे किसानों की फसलों की सिंचाई कराई जा रही है। संचालित नलकूपों के सापेक्ष कर्मियों का अभाव होने से विभाग को विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। किसी तरह समन्वय स्थापित कर नलकूप का संचालन कराया जा रहा है।