शाहगढ़ के शमशेरियां दुर्गन भवानी धाम में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
शाहगढ़। शमशेरियां स्थित मां दुर्गन भवानी धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को प्रवाचक ज्ञानवी श्री ने कहा कि मनुष्य के कर्म और विश्वास ही उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। परिस्थितियां कैसी भी हों, धैर्य बनाए रखकर सही रास्ते पर चलते रहना चाहिए। कठिन समय व्यक्ति की परीक्षा लेता है और उसे आगे बढ़ने का अवसर भी देता है।
प्रवाचक ने कहा कि जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं। सुख मिलने पर अहंकार नहीं करना चाहिए और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। मनुष्य को अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिवार के प्रति जिम्मेदारियों के साथ समाज के प्रति भी अपने दायित्वों को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अच्छे विचार तभी सार्थक होते हैं, जब उनका असर व्यवहार में दिखाई दे। कहा कि असफलता मिलने पर रुकना नहीं चाहिए। उससे सीख लेकर नए उत्साह के साथ प्रयास करना चाहिए। मनुष्य को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए ईमानदारी और संयम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस मौके पर आयोजक महंत माधव गिरी, काशी प्रसाद मिश्र, संतलाल यादव, दुर्गेश, उमेश पांडेय, सौरभ पांडेय आदि मौजूद रहे।