गौरीगंज(अमेठी)। निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए संचालित अभियान के बावजूद सड़क पर बड़ी संख्या में गोवंश रहने की शिकायत पर डीएम गंभीर हो गए हैं। डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार की रात पशुपालन विभाग समेत नामित अफसर सड़क पर उतरे। अफसरों ने मुसाफिरखाना मार्ग से 38 निराश्रित गोवंश पकड़ गए आश्रय केंद्र में संरक्षित कराया। अभियान में लगातार अलग-अलग सड़क पर अफसरों को पहुंचकर गोवंश को संरक्षित करना होगा। डीएम ने अभियान के बाद सड़क या सीवान में निराश्रित गोवंश दिखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट गोवंश संरक्षण के लिए पशुपालन विभाग तीन वृहद, कांजीहाउस के साथ कान्ह गोशाला व 107 अस्थाई गोआश्रय केद्र संचालित कर रहा है। संचालित आश्रय केंद्रों पर मौजूद समय में 16,875 गोवंश संरक्षित भी है। बावजूद इसके लगातार सड़क व सीवान में निराश्रित गोवंश के मौजूद होने तथा किसानों की फसल नष्ट करने के साथ सड़क दुर्घटना होने का मामला डीएम राकेश कुमार मिश्र के संंज्ञान में आया। गत दिन सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी निराश्रित गोवंश के सड़क पर मौजूद रहने से हादसे में इजाफा की बात सामने आई।
इसके बाद डीएम ने सभी बीडीओ, पशु चिकित्साधिकारी, नोडल व सीवीओ को प्रत्येक रात में विशेष अभियान संचालित कर सड़कों पर मौजूद गोवंशों को आश्रय केद्र में संरक्षित करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने गौरीगंज-मुसाफिरखाना मार्ग पर अभियान संचालित किया।
अभियान में अलग-अलग स्थानों पर सड़कों पर मिले 38 गोवंश को पकड़वाते हुए शाहगढ़ ब्लॉक के सेवई हेमगढ़ स्थित अस्थाई गोआश्रय में संरक्षित कराया। सीवीओ ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा। कहा कि गोआश्रय केंद्र में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण में सहयोग के लिए भूसा दान करे। विभाग की लगातार कोशिश है कि कोई भी गोवंश निराश्रित नहीं रहे। लेकिन लोगों के छोड़ने से अभियान को अमली जामा पहनाने में परेशानी हो रही है।